बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आज सुबह से ही वोटिंग जारी है, लेकिन इसके साथ ही सियासी घमासान भी तेज हो गया है। विपक्षी महागठबंधन ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाया है। आरजेडी ने दावा किया है कि कई मतदान केंद्रों पर वोटिंग की रफ्तार धीमी करने के लिए जानबूझकर बार-बार बिजली काटी जा रही है। हालांकि, इस आरोप पर चुनाव आयोग ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और आरजेडी के दावे को बेबुनियाद बताया है।
आरजेडी ने आरोप लगाया है कि पहले चरण की वोटिंग के बीच कई क्षेत्रों में जानबूझकर बिजली काटी जा रही है, ताकि महागठबंधन के मजबूत बूथों पर मतदान की रफ्तार धीमी पड़ जाए। पार्टी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बिजली कटौती के कारण कई मतदान केंद्रों पर वोटिंग बाधित हो रही है, जिससे मतदाता लंबी लाइनों में परेशान खड़े हैं। पार्टी ने इसे प्रशासन की “धांधली”, “बुरी नीयत” और “दुर्भावनापूर्ण इरादों” से जुड़ा कदम बताया है। वहीं, पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की कि वह इस पूरी घटना का तत्काल संज्ञान ले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, ताकि निष्पक्ष और निर्बाध मतदान सुनिश्चित हो सके। वहीं, चुनाव आयोग ने आरजेडी के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि मतदान पूरी पारदर्शिता के साथ चल रहा है और किसी भी बूथ पर बिजली कटौती या तकनीकी गड़बड़ी की कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी जिलों में बिजली आपूर्ति और वोटिंग प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचना से मतदाता प्रभावित न हों।

चुनाव आयोग की ओर से आए इस बयान के बाद आरजेडी और आयोग के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। जहां आरजेडी लगातार सरकार और प्रशासन पर निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है, वहीं आयोग का कहना है कि पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से चल रहा है। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अफवाहों या अपुष्ट सूचनाओं पर ध्यान न दें और निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें।