राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज दो दिवसीय उत्तर बिहार प्रवास पर मुजफ्फरपुर पहुंच रहे हैं। उनके इस दौरे का पहला दिन (25 जनवरी) काफी महत्वपूर्ण है, जहां वे ‘समाज परिवर्तन में सज्जन शक्ति की भूमिका’ विषय पर एक विशेष गोष्ठी को संबोधित करेंगे।
यह गोष्ठी उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों से आए प्रभावशाली व्यक्तियों, विशेषज्ञों और सकारात्मक सोच वाले समाज के उन लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास है, जो राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्थान में सक्रिय योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली शक्तियों को संगठित करने और प्रेरित करने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरे दिन, यानी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर डॉ. भागवत संघ के उत्तर बिहार प्रांत कार्यालय ‘मधुकर निकेतन’ (कलमबाग चौक) में तिरंगा फहराएंगे। ध्वजारोहण के बाद वे राष्ट्र के नाम महत्वपूर्ण संदेश देंगे। इसके बाद जिला और प्रांत स्तर के संघचालकों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। बैठक में शाखा विस्तार, सेवा कार्यों की प्रगति और आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी।
डॉ. मोहन भागवत की सुरक्षा को देखते हुए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मधुकर निकेतन और आसपास के क्षेत्रों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है—चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है, सादे लिबास में जवान भी मौजूद हैं। आपात स्थिति के लिए डॉक्टरों की विशेष टीम एंबुलेंस सहित 24 घंटे तैयार रखी गई है। संघ के स्वयंसेवक भी अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तत्परता से जुटे हैं। दरअसल, यह दौरा आरएसएस के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में भी खास माना जा रहा है, जहां संगठन अपनी पहुंच और प्रभाव को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। मुजफ्फरपुर और उत्तर बिहार की सियासी-सामाजिक गलियों में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह और चर्चा है।