Samrat Chaudhary बने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री: विजय-विजेंद्र ने ली डिप्टी सीएम की शपथ, जानें क्यों चर्चा में है निशांत की गैरमौजूदगी…

Ritu Raj

बिहार की सियासत ने बुधवार को एक ऐतिहासिक मोड़ लिया। महीनों से जारी कयासों पर विराम लगाते हुए सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजभवन (लोकभवन) में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस बदलाव की सबसे खास बात यह रही कि बिहार के इतिहास में पहली बार विशुद्ध रूप से भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनी है। सम्राट चौधरी के साथ जदयू के कद्दावर नेता विजय चौधरी और विजेंद्र यादव ने मंत्री पद की शपथ ली, जो नई सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे। जहाँ एक ओर लोकभवन में उत्सव का माहौल था, वहीं नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की गैरमौजूदगी ने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और सक्रिय राजनीति से पीछे हटने की चर्चाओं के बीच निशांत को हाल ही में धूमधाम से जदयू में शामिल किया गया था। पिछले एक महीने से राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहने वाले निशांत न तो शपथ ग्रहण में दिखे और न ही उन्होंने नए मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्रियों से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “राजनीति में आना उनका निजी फैसला है। हम चाहते हैं कि वे संगठन और सरकार के लिए काम करें, लेकिन आज वे क्यों नहीं आए, यह वही बता सकते हैं।”

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नीतीश कुमार की बधाई और तेजस्वी पर पलटवार;
बिहार की सत्ता की चाबी सौंपने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए सम्राट चौधरी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भरोसा जताया कि सम्राट के नेतृत्व में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होगा। दूसरी ओर, तेजस्वी यादव के उस बयान पर जिसमें उन्होंने सम्राट चौधरी को ‘लालू की पाठशाला’ का छात्र बताया था, विजेंद्र यादव ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सम्राट चौधरी और अन्य नेता ‘जनता दल’ की विचारधारा से निकले हैं, किसी व्यक्ति विशेष की पाठशाला से नहीं।

एक्शन मोड में नए मुख्यमंत्री;
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे मुख्य सचिवालय पहुंचे। यहाँ उन्होंने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की और कार्यभार संभालते ही कुछ महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए।

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