पाकिस्तानी गोलीबारी में सीवान का लाल शहीद: शादी के तीन महीने बाद ही उजड़ा सुहाग

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
जम्मू-कश्मीर सीमा पर पाकिस्तानी सेना की ओर से हुई अकारण गोलीबारी में बिहार के सीवान जिले का एक और लाल देश पर शहीद हो गया। आर्मी जवान रामबाबू प्रसाद, जो बड़हरिया प्रखंड के बसिलपुर गांव के रहने वाले थे, 9 मई की रात दुश्मनों की गोली से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, और देर रात उनकी शहादत की सूचना गांव पहुँची।

नई नवेली दुल्हन का टूटा सुहाग शहीद रामबाबू की शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। उनके घर पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आस-पास के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने में लगे हैं।
तीन महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी, लेकिन देश के लिए बलिदान देकर उन्होंने नई दुल्हन अंजली को विधवा बना दिया। अंजली झारखंड के धनबाद में रहती हैं, जिन्हें पहले पति की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई थी। अब वे शोक की घड़ी में सीवान के लिए रवाना हो चुकी हैं।

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देश सेवा में दी जान, पर वादा अधूरा रह गया रामबाबू ने कुछ दिन पहले ही अपने परिवार से तनाव खत्म होने के बाद घर आने का वादा किया था। लेकिन कड़वे सच ने उस वादे को अधूरा छोड़ दिया। शहीद रामबाबू अपने दो भाइयों में सबसे छोटे थे, जबकि उनका बड़ा भाई हजारीबाग (झारखंड) में लोको पायलट के पद पर कार्यरत है। शाम तक गांव पहुंचने की उम्मीद, अंतिम विदाई की तैयारी सेना की ओर से जानकारी दी गई है कि शहीद रामबाबू का पार्थिव शरीर आज शाम तक उनके पैतृक गांव बसिलपुर पहुँच सकता है। अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

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