महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली घटना घटी है। 28 जनवरी 2026 को बारामती में उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा एक निजी चार्टर्ड विमान (Learjet 45, रजिस्ट्रेशन VT-SSK) लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार सहित विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई, जिसमें दो क्रू मेंबर (पायलट और को-पायलट), उनका पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) और एक अटेंडेंट शामिल थे। गौरतलब है कि यह हादसा न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका है। जांच एजेंसियां अब कारणों (तकनीकी खराबी, मौसम या अन्य) की तलाश में जुटी हैं। दिवंगत अजित पवार और अन्य पीड़ितों की आत्मा को शांति मिले। ओम शांति।

हादसे का विवरण;
विमान मुंबई से बारामती की ओर जा रहा था, जहां अजित पवार जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों (5 फरवरी को प्रस्तावित) के लिए चार जनसभाओं को संबोधित करने वाले थे। हादसा सुबह करीब 8:45-8:48 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुआ। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान रनवे से फिसल गया, नियंत्रण खो दिया और आग लगने के बाद पूरी तरह जल गया। रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू हुआ, लेकिन सभी यात्रियों की मौत की पुष्टि DGCA और अन्य अधिकारियों ने की है। मलबे से धुआं उठता हुआ दिखा, और स्थानीय लोग रोते-बिलखते नजर आए।

राजनीतिक प्रभाव;
यह घटना महाराष्ट्र की सियासत पर गहरा असर डाल रही है। अजित पवार महायुति गठबंधन (बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी अजित गुट) के प्रमुख स्तंभ थे और देवेंद्र फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री पद पर थे। उनकी मौत से एनसीपी (अजित गुट) में बड़ा संकट पैदा हो सकता है, खासकर बारामती जैसे गढ़ में जहां उनकी मजबूत पकड़ थी।

संक्षेप में पारिवारिक ढांचा;
सुनेत्रा पवार (पत्नी): अजित पवार की जीवनसंगिनी सुनेत्रा पवार केवल एक गृहिणी नहीं, बल्कि एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता और रणनीतिकार रही हैं। चुनावी रैलियों और जनसंपर्क अभियानों में उनकी मौजूदगी हमेशा प्रभावी रही है।
पार्थ पवार (बड़े बेटे): अजित पवार की अगली पीढ़ी के रूप में पार्थ ने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़ा, और हालांकि चुनावी राजनीति की शुरुआत उनके लिए चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन वे सक्रिय राजनीति में पिता के साथ बने रहे।
जय पवार (छोटे बेटे): जय पवार अक्सर पर्दे के पीछे रहकर चुनावी प्रबंधन और युवा समर्थकों के बीच समन्वय का काम संभालते नजर आए हैं।
श्रीनिवास पवार: अजित पवार के बड़े भाई श्रीनिवास पवार ने खुद को राजनीति के बजाय व्यवसाय (Business) तक सीमित रखा। दोनों भाइयों के बीच आपसी तालमेल और स्नेह की मिसाल अक्सर राजनीतिक गलियारों में दी जाती है।
विजया पाटिल: उनकी बहन विजया पाटिल भी परिवार की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो पारिवारिक आयोजनों में हमेशा सक्रिय रही हैं।

चाचा शरद पवार: राजनीति के ‘भीष्म पितामह’
अजित पवार के जीवन और करियर पर सबसे गहरी छाया उनके चाचा शरद पवार की रही। राजनीति का ककहरा उन्होंने शरद पवार की उंगली थामकर ही सीखा। राजनीतिक मतभेदों और गठबंधन की उठापटक के बावजूद, पवार परिवार की इस विरासत ने महाराष्ट्र की सत्ता के केंद्र को हमेशा अपने इर्द-गिर्द ही रखा।

अजित पवार का संक्षिप्त परिचय;
जन्म: 22 जुलाई 1959, अहमदनगर जिले में।
राजनीतिक सफर: 1982 में सहकारी चीनी कारखाने से शुरुआत, 1991 में बारामती से पहली बार लोकसभा सांसद, बाद में कई बार उपमुख्यमंत्री (रिकॉर्ड छह बार)।
2023 में एनसीपी में बगावत कर अलग गुट बनाया, चुनाव आयोग ने नाम और चिन्ह उनके गुट को दिया।
छवि: मेहनती, विकास-केंद्रित नेता, लेकिन सिंचाई घोटाला और कुछ विवादित बयानों से भी चर्चा में रहे।