मुंगेर में कंबल वाले बाबा के दरबार में भगदड़ जैसे हालात, अव्यवस्था पर उठे सवाल

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
पटना : बिहार के मुंगेर जिले के प्रशंडो गांव में चल रहे श्री श्री 1008 रुद्र चंडी महायज्ञ के दौरान कंबल वाले बाबा के दरबार में जबरदस्त भीड़ उमड़ने से अफरातफरी मच गई। बाबा की दिव्य शक्तियों और “चमत्कारी कंबल” से इलाज के लिए हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए। रविवार सुबह 10 बजे जैसे ही बाबा का दरबार शुरू हुआ, चारों ओर से लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे आयोजन समिति पूरी तरह व्यवस्था संभालने में विफल रही।

भीड़ के बेकाबू हो जाने के कारण बाबा को दरबार कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। वॉलिंटियर्स भीड़ को नियंत्रित नहीं कर सके। हालात ऐसे हो गए कि पत्रकारों को वीडियो बनाने से रोका गया। हालांकि बाद में बाबा ने मीडिया से बातचीत की और फिर माइकिंग के जरिए लोगों को समझाकर दरबार दोबारा शुरू किया गया।

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बाबा 4 मई से 6 मई तक यहीं रहेंगे और हर दिन सुबह से शाम तक मरीजों का इलाज करेंगे। लकवा, बहरेपन, गठिया जैसी बीमारियों से पीड़ित सैकड़ों लोग बाबा की शरण में पहुंचे हैं। बाबा का दावा है कि उनके पास माता का आशीर्वाद प्राप्त कंबल है, जिससे वे बीमार लोगों का उपचार करते हैं।

सुरक्षा पर उठे सवाल, कई वीआईपी आने वाले : इस आयोजन में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, सांसद मनोज तिवारी, उपमुख्यमंत्री समेत कई बड़े नेता पहुंचने वाले हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। बार-बार कार्यक्रम रोकना पड़ रहा है और समिति अव्यवस्था पर काबू नहीं पा पा रही है।

कंबल वाले बाबा का परिचय : पत्रकारों से बातचीत में बाबा ने बताया कि उनका असली नाम गणेश गुर्जर है और वे गुजरात से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कहा कि जब वे चार साल के थे, तभी देवी ने उन्हें चमत्कारी कंबल का आशीर्वाद दिया था। तभी से वे “कंबल वाले बाबा” के नाम से प्रसिद्ध हैं। उनका कहना है, “जहां विज्ञान खत्म होता है, वहां से अध्यात्म शुरू होता है।”

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