बीपी मंडल की जयंती पर राजकीय समारोह, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी प्रसाद (बीपी) मंडल की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पटना में आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने बीपी मंडल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।

बीपी मंडल, बिहार के एक प्रमुख राजनीतिक योद्धा और समाज सुधारक थे, जिन्हें मंडल आयोग की रिपोर्ट के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। उनकी रिपोर्ट ने भारत में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण का मार्ग प्रशस्त किया। बिहार सरकार हर साल उनकी जयंती को एक राजकीय समारोह के रूप में मनाती है, जो उनके अतुलनीय योगदान को सम्मान देने का प्रतीक है।

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राजकीय समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीपी मंडल को एक दूरदर्शी नेता बताया। उन्होंने कहा कि बीपी मंडल का जीवन और उनके आदर्श हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने मंडल आयोग की सिफारिशों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इन सिफारिशों ने सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी बीपी मंडल के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि बीपी मंडल ने समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका मानना था कि जब तक समाज के सभी वर्गों को समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक राष्ट्र का सही विकास संभव नहीं है।

इस समारोह में कई मंत्री, विधायक, और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। सभी ने बीपी मंडल के कार्यों को याद किया और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। बीपी मंडल का जन्म 25 अगस्त 1918 को हुआ था। वे बिहार के मुख्यमंत्री भी रहे और उनका कार्यकाल सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के उत्थान के प्रति उनके समर्पण के लिए जाना जाता है।

राजकीय समारोह में बीपी मंडल के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि किस तरह उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में समाज के हर वर्ग के लिए काम किया। उनकी ईमानदारी और निष्ठा की सराहना की गई। यह समारोह न केवल उन्हें श्रद्धांजलि देने का एक मौका था, बल्कि उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी एक अवसर था।

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