कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला गया पहला टेस्ट भारतीय बल्लेबाजों की नाकामी की कहानी बनकर रह गया। 124 रनों जैसे मामूली लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया 30 रनों से हार गई और मैच अचानक हाथ से निकल गया। पिच का व्यवहार भी पूरे मुकाबले में सवालों के घेरे में रहा, जहां किसी भी टीम के बल्लेबाज सहज नहीं दिखे। दूसरी ओर, टेम्बा बावुमा ने शांत नेतृत्व और धैर्यपूर्ण पारी के दम पर अपना ‘कभी न हारने वाला’ टेस्ट कप्तानी रिकॉर्ड बरकरार रखा और अफ्रीका को सीरीज़ में 1–0 की बढ़त दिला दी।
भारत के सामने लक्ष्य भले ही छोटा था, लेकिन दूसरी पारी की शुरुआत ने पूरे समीकरण को उलट दिया। पहले ओवर में ही मार्को यानसन ने यशस्वी जायसवाल को बिना खाता खोले चलता किया और तीसरे ओवर में केएल राहुल सिर्फ 1 रन पर पवेलियन लौट गए। एक ओर वाशिंगटन सुंदर विकेट पर डटे रहे, वहीं दूसरी ओर भारतीय बल्लेबाज आते ही लौटते गए। ध्रुव जुरेल 13 और ऋषभ पंत मात्र 2 रन के योगदान के साथ आउट हुए, जबकि रवींद्र जडेजा के 64 के टीम स्कोर पर आउट होते ही दबाव और बढ़ गया। वाशिंगटन सुंदर की जुझारू पारी भी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। 31वें ओवर में एडन मार्क्रम की गेंद पर उनका प्रतिरोध टूट गया। सुंदर के 31 रन इस पारी का सर्वोच्च स्कोर साबित हुए। अक्षर पटेल ने अंत में तेज खेलने की कोशिश की और 17 गेंदों में 26 रन जोड़कर उम्मीद जगाई, लेकिन बड़े शॉट के प्रयास में वह भी कैच आउट हो गए। इसके बाद मोहम्मद सिराज के रूप में नौवां विकेट गिरा और टीम इंडिया की पारी सिमट गई, क्योंकि शुभमन गिल चोट के कारण पहले ही मैच से बाहर हो चुके थे।
साउथ अफ्रीका की जीत में साइमन हार्मर और मार्को यानसन की गेंदबाज़ी ने अहम भूमिका निभाई। हार्मर ने मैच में कुल 8 विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा, वहीं यानसन ने शुरुआती झटके देकर पूरे चेज़ को पटरी से उतार दिया। दूसरी ओर, टेम्बा बावुमा की कप्तानी का करिश्मा भी पूरी तरह दिखा। उन्होंने बतौर कप्तान अपने 11 टेस्ट में से 10 जीतकर एक बार फिर अपने अपराजेय रिकॉर्ड को मजबूत किया। इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब भारत के सामने गुवाहाटी में 22 नवंबर से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में वापसी करने की चुनौती होगी।