सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का आरोप है कि उनके बेटे तेजप्रताप को आकाश यादव ने जादू-टोना कर अपनी बहन के प्रेम जाल में फंसा लिया है। वो अपनी बहान के जरिये राजनीतिक मुकाम हाशिल करना चाहता है। आकाश यादव की बातों से भी साफ़ है कि तेजप्रताप यादव के जरिये वो तेजस्वी यादव पर दबाव बनाना चाहते हैं। लालू परिवार का दावा है कि खुद आकाश यादव ने अपनी बहन के साथ तेजप्रताप का विडियो उनके फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया। तेजप्रताप ने जब उसे हटा दिया तो उनके ऊपर दबाव बनाया और उन्हें ये कहने के लिए मजबूर कर दिया कि खुद उन्होंने ऐसा किया था। तेजप्रताप के अनुसार भी उनके फेसबुक पर आकाश की बहन के साथ उनका विडियो किसी और ने शेयर किया। अब ये चर्चा जोर पकड़ रही है कि तेजप्रताप यादव के तलाक में और फिर पार्टी परिवार से उन्हें अलग कराने में आकाश यादव ने अहम् भूमिका निभाई।
इसमे शक की कोई गुंजाइश नहीं कि तेजप्रताप यादव का अंदाज लालू यादव की तरह ही देशी है। उनके स्टाइल में वो लोगों से मिलते हैं, भाषण में भी उनकी नक़ल करते हैं। लेकिन नक़ल के लिए भी अक्ल की जरुरत पड़ती है। तेजप्रताप यादव अक्ल से काम न लेकर केवल लालू जी की नक़ल करने के चक्कर में जोकर बन चुके हैं। देश भर की मीडिया उन्हें एक एंटरटेनर के रूप में ले रही है या फिर उनका इस्तेमाल लालू फैमिली का मजाक बनाने के लिए किया जा रहा है। लालूजी की नक़ल के चक्कर में तेजप्रताप यादव की छवि एक ना-समझ बेटे या फिर एक घटिया एंटरटेनर की बन गई है। अब तेजप्रताप यादव को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा। तेजस्वी यादव लालू यादव की जगह ले चुके हैं। वो अपने समय के साथ बदलती राजनीति के साथ तालमेल करते नजर आ रहे हैं। वो विकास-रोजगार और नौकरी की बात कर बिहार के लोगों को ये भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रोग्रेसिव पॉलिटिक्स करना चाहते हैं।
पिछले विधान सभा और लोक सभा चुनाव में तेजस्वी यादव को फायदा भी मिला है।अब उनके समर्थक उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखने लगे हैं जो सत्ता में आने पर नौकरी और रोजगार पर फोकस करेगा। नीतीश कुमार की बढती उम्र और बीजेपी के पास कोई बड़ा चेहरा नहीं होने का फायदा भी उन्हें मिल रहा है। लेकिन सत्ताधारी दल को आज भी ये भरोसा है कि वो लालू-राबडी शासन के जंगल राज का डर दिखाकर तेजस्वी के विजय रथ को रोक लेगा।