सिटी पोस्ट लाइव
पटना। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को अमेरिकी अरबपति ईलॉन मस्क के एआई टूल ग्रोक द्वारा हिंदी में गाली देने का मामला तूल पकड़ चुका है। भारत सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
तेजप्रताप यादव ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने होली के मौके पर बीजेपी, आरएसएस और गोदी मीडिया पर निशाना साधा था। इस पोस्ट पर किसी यूज़र ने Grok AI को टैग कर दिया, जिसके बाद एआई ग्रोक ने जवाब में हिंदी में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
भारत सरकार की सख्ती
भारत सरकार ने इस घटना को गंभीर मानते हुए आईटी मंत्रालय को जांच के आदेश दिए हैं। मंत्रालय ने X से Grok AI की ट्रेनिंग में इस्तेमाल किए गए डेटा सेट की जानकारी मांगी। इस बीच, गाली देने के बाद ग्रोक खुद भी बैकफुट पर आ गया और सफाई देते हुए कहा कि यह कोई “शटडाउन” नहीं है, बल्कि जांच चल रही है।

X बनाम भारत सरकार
इस विवाद के बीच ईलॉन मस्क की कंपनी X ने सरकार के आदेशों के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया है। सरकार ने X को कुछ कंटेंट हटाने के निर्देश दिए थे, जिसके खिलाफ X ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी का तर्क है कि यह अभिव्यक्ति की आज़ादी पर अंकुश लगाने जैसा है, जबकि सरकार का कहना है कि X को भारतीय कानूनों का पालन करना होगा।
क्या होगी अगली कार्रवाई?
- आईटी मंत्रालय Grok AI की ट्रेनिंग प्रक्रिया की जांच करेगा।
- अगर किसी यूज़र ने जानबूझकर भड़काऊ सवाल पूछे, तो उस यूज़र और Grok प्लेटफॉर्म दोनों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- सरकार X से अभद्र भाषा रोकने के लिए एआई में सुधार की मांग कर सकती है।
एआई ट्रेनिंग से जुड़ा बड़ा सवाल
विशेषज्ञों के मुताबिक, एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के दौरान उसे गाली-गलौज और आपत्तिजनक शब्दों को फ़िल्टर करने के निर्देश दिए जाते हैं। लेकिन Grok AI के मामले में ऐसा नहीं हुआ, जिससे यह विवाद खड़ा हुआ। अब देखना होगा कि भारत सरकार की सख्ती से X और Grok पर क्या असर पड़ता है और यह विवाद किस दिशा में जाता है।