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पटना। एक छात्र के सवाल ने राजद नेता तेजस्वी यादव को असहज कर दिया। छात्र ने अखबार के आंकड़ों का हवाला देते हुए पूछा कि जब उनके माता-पिता मुख्यमंत्री थे, तब बिहार की विकास दर इतनी गिर क्यों गई थी? छात्र ने बताया कि 1980 से 1991 के बीच बिहार की विकास दर 5.1% थी, लेकिन 1990 में लालू प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद 1992 से 2002 के बीच यह घटकर मात्र 0.6% रह गई। उसने यह भी पूछा कि अगर राजद की सरकार बनती है तो वे किस तरह से बदलाव लाएंगे?
इस सवाल पर तेजस्वी यादव स्पष्ट रूप से नाराज नजर आए। उन्होंने झुंझलाते हुए जवाब दिया कि यह डेटा कहां से आया है, यह उन्हें नहीं पता। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि जब 1990 में लालू यादव मुख्यमंत्री बने थे, तब बिहार का बजट केवल 3 हजार करोड़ रुपये था, जो 2005 तक बढ़कर 28 हजार करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि लालू यादव के शासनकाल में सात विश्वविद्यालयों की स्थापना हुई थी, जहां आज भी बिहार के छात्र पढ़ते हैं। तेजस्वी ने कहा कि पुराने मामलों पर चर्चा करने की बजाय वर्तमान मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

बीजेपी ने इस वाकये को मुद्दा बनाते हुए तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर इंटरव्यू का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि जैसे ही छात्र ने सच्चाई से जुड़ा सवाल पूछा, तेजस्वी यादव भड़क उठे और इसे खारिज कर दिया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि लालू यादव के शासनकाल में बिहार की विकास दर लगातार गिरती रही, अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर था, और राज्य कुशासन का शिकार बना।
पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि लालू यादव का शासन बिहार के लिए किसी “नरक” से कम नहीं था, लेकिन तेजस्वी यादव इसे मानने को तैयार नहीं हैं। अब सवाल यह है कि तेजस्वी यादव बीजेपी के इन हमलों का कैसे जवाब देंगे और इस मुद्दे को लेकर बिहार की राजनीति में क्या नया मोड़ आएगा?