तेजस्वी यादव : लालू यादव ने आगे बढ़ाई कर्पूरी ठाकुर की सामाजिक न्याय की लड़ाई

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार अभियान में सामाजिक न्याय के पुरोधा और पूर्व मुख्यमंत्री भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की विरासत पर दावेदारी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद, अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी चुनावी सभाओं में कर्पूरी ठाकुर का जिक्र किया और भाजपा के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। तेजस्वी ने जोर देकर कहा कि लालू प्रसाद यादव ने ही कर्पूरी ठाकुर की लड़ाई को आगे बढ़ाया। तेजस्वी यादव बुधवार को मोहिउद्दीनगर, विद्यापतिनगर और समस्तीपुर के केवस में चुनावी जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे।

भाजपा आरक्षण विरोधी, इन्होंने गिराई थी कर्पूरी ठाकुर की सरकार
कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों और लालू यादव के संघर्ष को एक कड़ी में जोड़ते हुए तेजस्वी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, जो कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों के समान है। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा आरक्षण विरोधी है और इन्हीं लोगों ने कर्पूरी ठाकुर की सरकार गिरा दी थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज वोट के लिए वे उनका नाम ले रहे हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि जननायक कर्पूरी ठाकुर ने लालू की गोद में अंतिम सांस ली थी।

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झूठ नहीं बोलता, दुश्मन सिर्फ बेरोजगारी है
तेजस्वी ने अपनी विश्वसनीयता पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें लंबी राजनीति करनी है, इसलिए वह झूठी बातें नहीं करते। उन्होंने एक बार फिर अपनी सबसे बड़ी चुनावी घोषणा दोहराई: “सरकार बनने के 20 दिनों के अंदर यह कानून बनाया जाएगा कि जिस परिवार में सरकारी नौकरी नहीं है, उस परिवार को एक नौकरी देंगे।”

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “तेजस्वी का दुश्मन सिर्फ बेरोजगारी है। उसे खत्म करना है। गरीबी नौकरी से खत्म हो जाएगी।” उन्होंने वर्तमान एनडीए सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज तो खोल दिए गए, कमीशन भी ले लिया गया, लेकिन उनमें न दवा है और न ही डॉक्टर। उन्होंने शिक्षा के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही है।

महिलाओं को ‘रिश्वत’, चाचा पर तंज
तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर उनकी पार्टी की घोषणाओं की नकल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेंशन बढ़ाने की बात कही गई तो चुनाव में पेंशन बढ़ाया, लेकिन 1500 की जगह सिर्फ 1100 ही दिया। उन्होंने महिला मतदाताओं से अपील की कि वे किसी के झांसे में न आएं, “महिला वोटर को दस-दस हजार का रिश्वत दे दिया। माता-बहनों को समझाएं कि इस चक्कर में नहीं आएं। 200 यूनिट (बिजली मुफ्त) का नकल कर 125 यूनिट फ्री कर दी।”

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा कि “चाचा जी से बिहार नहीं चलने वाला है क्योंकि एक उम्र के बाद सोच खत्म हो जाती है।” उन्होंने जोर दिया कि यह टेक्नोलॉजी और एआई (AI) का जमाना है और नौजवानों का जमाना है।

‘अपराध-भ्रष्टाचार पर समझौता नहीं, एक मौका मांगता हूं’
तेजस्वी ने वादा किया कि उनकी सरकार बनने पर अपराध और भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने यहां तक कहा, “अपना से अपना भी यदि संलिप्त मिला तो छोड़ेंगे नहीं।” उन्होंने राज्य सरकार पर शराबबंदी को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया: “शराब बेचता रहा और गरीब को जेल में डाल रहा।” सभास्थल पर वीआइपी प्रमुख मुकेश सहनी, आईपी गुप्ता समेत कई नेता मौजूद थे। अंत में तेजस्वी यादव ने आम जनता से एक मौका मांगा।

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