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बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर हमला बोलते हुए उनके जन्म तिथि और शैक्षिक प्रमाण पत्रों पर सवाल उठाए हैं। तेजस्वी यादव ने यहां तक दावा किया कि सम्राट चौधरी ने महज 10 साल में अपनी उम्र 23 साल बढ़ा ली है और ऐसे व्यक्ति बिहार की सत्ता में बैठकर विपक्ष को निशाना बना रहे हैं।
आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की प्रमाण-पत्रों की सत्यता पर सीधे-सीधे प्रश्नचिह्न लगाया। उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी कैसे उपमुख्यमंत्री हैं जिनका जन्मतिथि का सर्टिफिकेट फर्जी है, जिनके एजुकेशन सर्टिफिकेट फर्जी हैं। वह ऐसे उपमुख्यमंत्री हैं जो मात्र 10 साल में अपनी उम्र 23 साल बढ़ा लेते हैं।” तेजस्वी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “और यह लोग बिहार की सत्ता में हैं और हमें गाली दे रहे हैं। अब आप समझ जाइए यह कैसे उपमुख्यमंत्री हैं कि सब कुछ इनका फर्जी है।”
अपने आरोपों को और पुख्ता करते हुए, तेजस्वी यादव ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि CAG ने 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का मामला सामने आया है, जो बिहार की वित्तीय स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। तेजस्वी ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए, “अब आप समझिए कि क्या स्थिति बिहार में है। मुख्यमंत्री मौन हैं, दोनों उपमुख्यमंत्री भी मौन हो चुके हैं। सरकार कैसे चल रही है, किसी को पता नहीं है।”
तेजस्वी यादव के इन तीखे बयानों से बिहार की राजनीतिक गर्माहट और बढ़ गई है। सत्ताधारी गठबंधन (NDA) की ओर से अभी इन आरोपों पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजद इन आरोपों के जरिए सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, खासकर तब जब विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सत्ता पक्ष इन गंभीर आरोपों पर क्या जवाब देते हैं।