सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बड़ा बयान देते हुए राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की तरह बिहार में भी चुनाव फिक्सिंग की आशंका पूरी तरह सही है। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे “भाजपा सरकार का प्रकोष्ठ” करार दिया।
तेजस्वी यादव ने कहा “पिछली बार जब बिहार में विधानसभा चुनाव हुए थे, तब चुनाव आयोग ने दिन के उजाले में काउंटिंग को रोक दिया और रात के अंधेरे में दोबारा शुरू किया। तीन-तीन बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सफाई देनी पड़ी। ये साफ दिखाता है कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। ऐसे में राहुल गांधी की आशंका एकदम जायज है।” उन्होंने यह भी कहा कि जब लोकतंत्र के स्तंभों पर भरोसा नहीं रह जाता, तो सवाल उठाना जरूरी हो जाता है।
जब कांग्रेस के प्रभारी द्वारा दिए गए उस बयान के बारे में पूछा गया जिसमें कहा गया कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं, तो उन्होंने इसे हल्के अंदाज में लेते हुए कहा “अरे, क्यों टेंशन लेते हैं! छोड़िए इन बातों को। हम सब मिलकर बैठेंगे और पूरा बिहार नए तरीके से बनाएंगे। बिहार बनाने की कवायद चल रही है।” तेजस्वी यादव का यह बयान कई स्तरों पर महागठबंधन की एकजुटता को दिखाता है, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट करता है कि चुनाव आयोग पर अविश्वास और भाजपा पर सीधा हमला 2025 के चुनावी विमर्श का केंद्र बनने वाला है।
तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी के साथ सुर मिलाते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं और बिहार चुनाव में निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पद को लेकर उन्होंने तल्खी के बजाय एकता और सहयोग की बात कही है, जिससे संकेत मिलता है कि महागठबंधन अभी भी सामूहिक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है।