बिहार में अब नपेंगे बेवजह आवेदन खारिज करनेवाले
Bihar Land Survey ( मंत्री संजय सरावगी)
Bihar Land Survey
सिटी पोस्ट लाइव : बिहार में जमीन के म्युटेशन में वसूली को लेकर भूमि सुधार राजस्व मंत्री परेशान हैं.अंचल अधिकारियों के जमीन म्युटेशन में मनमानी करने और बेवजह आवेदन में कमियां निकाल कर उसे अस्वीकृत कर अवैध वसूली करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है. भूमि राजस्व मंत्री संजय सरावगी भी परेशान और नाराज हैं. विभागीय समीक्षा में भूमि राजस्व मंत्री ने साफ तौर पर ऐसे अंचलरधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है जो छोटे-मोटे कारणों के आधार पर रैयतों के आवेदन रद्द कर रहे हैं. अब बेवजह आवेदन खारिज करनेवाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने अंचल अधिकारी के जरिए ज्यादा दाखिल खारिज मामलों को अस्वीकृत करने पर कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है. दाखिल-खारिज मामलों में बीते छह महीनों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं.
मंत्री ने कहा कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों के दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है, जिस कारण आवेदनों को निरस्त करने का प्रतिशत काफी ज्यादा हो जाता है.अभी तक जो आंकड़े मिले हैं, उनमें खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में लखीसराय का पिपरिया अंचल पहले स्थान पर है. इस अंचल में अंचलाधिकारी के जरिए विगत वर्ष में दाखिल खारिज के कुल प्राप्त आवेदनों में से 65.12% आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है, जबकि दूसरे स्थान पर दरभंगा का जाले है. जहां दाखिल खारिज आवेदनों को अस्वीकृत करने का 62.96% है. तीसरे स्थान पर भोजपुर का अगियांव (55.21%) है.
संजय सरावगी ने आदेश दिया है कि इन सभी अंचल अधिकारी से स्पष्टीकरण की मांग की जाए, उसके बाद इन पर कार्रवाई की जाए.कुछ अच्छे काम करने वाले भी अंचलाधिकारी हैं. इनमें कैमूर के नुआंव अंचल का प्रदर्शन सबसे अच्छा है. यहां कुल प्राप्त आवेदनों में से मात्र 6.74% आवेदनों को ही अस्वीकृत किया गया है. दूसरे स्थान पर नालंदा का एकंगरसराय (7.44%), तीसरे स्थान पर लखीसराय का हलसी (8.93%) है.अच्छा प्रदर्शन करनेवाले इन अंचलाधिकारी को विभागीय स्तर पर पुरस्कृत किया जायेगा. संजय सरावगी ने बैठक के दौरान यह भी कहा कि आमजनों को दाखिल खारिज के लिए आवेदन करते समय अपना ही मोबाइल नंबर डालना चाहिए. सीएससी सेंटर या साइबर कैफे से आवेदन करते वक्त भी यह ध्यान रखें कि मोबाइल नंबर कैफे वाले का ना डालें, बल्कि आवेदक सजग होकर अपना फोन नंबर दें.