सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की सियासत में बयानबाज़ी का दौर और तीखा होता जा रहा है। छात्र संसद संवाद में तेजस्वी यादव के “कलम बांटने” वाले बयान पर अब बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने आरजेडी नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा, “यह लोग क्या कलम बांटेंगे? ये वही लोग हैं जिन्होंने चरवाहा विद्यालय खोले थे। उनके शासन में बिहार में केवल दो मेडिकल कॉलेज थे, और आज देखिए – कितने मेडिकल कॉलेज खुल गए हैं। इन्हें कुछ पता ही नहीं है।”
तेजस्वी यादव द्वारा अशोक चौधरी की प्रोफेसर बनने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने पर भी मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, “पढ़े-लिखे लोग नहीं हैं, इन्हें प्रोफेसर बनने की प्रक्रिया का क्या पता? प्रोफेसर बनने के लिए परीक्षा देनी होती है, इंटरव्यू देना होता है। इनके समय में तो एक भी बहाली नहीं होती थी।” एनडीए के सीट बंटवारे को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि “लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी विधानसभा में सीटों का बंटवारा बिना किसी विवाद के हो जाएगा।”
इसरो द्वारा लाइसेंस जारी किए जाने पर तेजस्वी यादव के बयान को भी उन्होंने खारिज करते हुए कहा, “जिसे खतरा है, वही आवेदन करता है। जनप्रतिनिधियों को ही लाइसेंस दिया जा रहा है, और जो जानकारी नहीं रखते, वही इस तरह की बातें कर रहे हैं।” डोमिसाइल नीति पर तेजस्वी यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर अशोक चौधरी ने कहा, “हमारे राज्य में पहले से डोमिसाइल नीति रिजर्वेशन में लागू है। अगर हम बिहार में बाहरी लोगों को नौकरी देना बंद कर देंगे, तो दूसरे राज्य भी हमारे लोगों को नौकरी नहीं देंगे – क्या यही राजनीति होनी चाहिए?”
तेजस्वी यादव और लालू यादव पर हमला तेज करते हुए उन्होंने कहा, “यही लोग हम पर सवाल उठा रहे हैं, जिनके शासन में AK-47 लेकर एसपी को खदेड़ा जाता था। अब ये हमें कानून सिखा रहे हैं।” बिहार की सियासत में जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, राजनीतिक हमले और जवाबों की धार और तेज होती जा रही है।