तेजस्वी यादव का आधी रात को पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में औचक निरिक्षण

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
आगामी बिहार विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार देर रात पूर्णिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) का औचक निरीक्षण कर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आधी रात को अचानक अस्पताल पहुंचे तेजस्वी यादव ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधी बातचीत कर व्यवस्थाओं की हकीकत को कैमरे में कैद किया, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।

सोशल मीडिया पर जारी किए गए एक वीडियो में तेजस्वी यादव ने अस्पताल की बदहाली की एक भयावह तस्वीर पेश की। उन्होंने दिखाया कि किस तरह एक-एक बेड पर तीन-तीन मरीजों को लिटाया गया है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मरीजों की बेडशीट 15-20 दिनों तक न बदले जाने पर भी गहरी नाराजगी जताई। वीडियो में गंदगी से भरे शौचालय और खराब बुनियादी ढांचे को भी दिखाया गया है, जो अस्पताल की दुर्दशा को उजागर करता है।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

निरीक्षण के दौरान, तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 20 साल के एनडीए शासन में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है। उन्होंने इस तथाकथित मेडिकल कॉलेज की हालत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहां न तो कोई आईसीयू है और न ही ट्रॉमा सेंटर चालू है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग यानी हृदय रोग विभाग है ही नहीं।

तेजस्वी ने अस्पताल में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जीएमसीएच में 255 नर्सों के स्वीकृत पद के मुकाबले केवल 55 नर्सें काम कर रही हैं, और वह भी तीन शिफ्ट में, जिसका मतलब है कि एक समय में सिर्फ 18 नर्सें ही ड्यूटी पर होती हैं। उन्होंने दावा किया कि 80 प्रतिशत डॉक्टरों के पद रिक्त हैं और पूरे अस्पताल में केवल चार ओटी असिस्टेंट हैं। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के कारण हजारों करोड़ रुपये खर्च करके अस्पताल की इमारतें तो बना दी गईं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी और तकनीशियन नियुक्त नहीं किए गए।

तेजस्वी यादव का यह औचक दौरा ऐसे समय में हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितंबर को पूर्णिया आने वाले हैं। राजद नेता ने पीएम मोदी से आग्रह किया कि वह अपने दौरे के दौरान इस मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण करें और 20 साल के शासन में हुई स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को देखें। यह दौरा और उसके बाद किए गए खुलासे बिहार चुनाव से पहले विपक्ष द्वारा सरकार पर हमलावर होने की रणनीति का एक हिस्सा माने जा रहे हैं, जिसमें स्वास्थ्य सेवा एक प्रमुख मुद्दा बनकर उभरा है।

Share This Article