महागठबंधन और NDA ने अंतिम दिन झोंकी पूरी ताकत; प्रचार थमने के बाद वोटरों को साधने की अंतिम जंग शुरू

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के लिए प्रचार अभियान आज, यानी मंगलवार शाम 6 बजे समाप्त हो गया। 6 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले, राज्य की 121 विधानसभा सीटों के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन सहित सभी राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को साधने के लिए अंतिम समय तक अपनी पूरी ताकत झोंक दी। प्रचार के अंतिम दिन, राज्यभर में रोड शो, जनसभाओं और तूफानी दौरों की भरमार रही।

दिग्गजों का धुआंधार प्रचार:

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प्रचार के अंतिम दिन कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं ने मोर्चा संभाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ कार्यक्रम के तहत महिला मतदाताओं के साथ वर्चुअल संवाद किया, जहां उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कई महत्वपूर्ण रैलियां कीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी एनडीए के लिए वोट मांगने मैदान में डटे रहे, उन्होंने अपने ‘सुशासन’ के एजेंडे को लोगों के सामने रखा।

महागठबंधन की तरफ से, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने दम पर पूरे दिन रिकॉर्ड 17 चुनावी सभाओं को संबोधित कर अपनी ज़बरदस्त ऊर्जा और जनसंपर्क क्षमता का प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रचार शुरू करने से पहले पटना में दो बड़े चुनावी वादे किए:

किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली: उन्होंने घोषणा की कि महागठबंधन की सरकार बनने पर किसानों से लिया जा रहा 55 पैसे प्रति यूनिट का शुल्क सरकार वहन करेगी।

महिलाओं के लिए ‘माई-बहिन योजना’: इसके तहत, सरकार बनने के बाद 14 जनवरी को महिलाओं के खाते में एक साल की पूरी राशि यानी 30,000 रुपये एकमुश्त भेजी जाएगी।

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी बिहार पहुंचे और उन्होंने औरंगाबाद में एक महत्वपूर्ण जनसभा को संबोधित किया, जिससे महागठबंधन के पक्ष में अंतिम हवा बनाने की कोशिश की गई।

चुनावी भूगोल और संख्या बल:

पहले चरण में कुल 121 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जो चुनावी नतीजों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इनमें 102 सामान्य सीटें और 19 अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीटें शामिल हैं। इन 121 सीटों पर कुल 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 1192 पुरुष और 122 महिलाएं हैं।

मतदान के लिए 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1 करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, 1 करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। राज्यभर में कुल 45,341 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 8,608 बूथ शहरी क्षेत्रों में और 36,733 बूथ ग्रामीण इलाकों में हैं।

सुरक्षा व्यवस्था:

चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। आयोग के निर्देश पर नेपाल से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा को सील कर दिया गया है और इन सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा निगरानी काफी कड़ी कर दी गई है। प्रचार थमने के बाद, अब उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर जनसंपर्क (डोर-टू-डोर कैंपेन) कर सकेंगे, जिसके लिए प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। अब सबकी निगाहें 6 नवंबर को होने वाले मतदान पर टिकी हैं।

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