मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जहानाबाद में औचक दौरा: वाणावर श्रावणी मेले का किया निरीक्षण, श्रद्धालुओं से की बात

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बिना किसी पूर्व सूचना के जहानाबाद जिले की ऐतिहासिक बराबर पहाड़ियों में चल रहे वाणावर श्रावणी मेले का अचानक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के इस अप्रत्याशित दौरे से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया, वहीं मेला परिसर में मौजूद श्रद्धालु अपने मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच पाकर काफी उत्साहित दिखे।

मुख्यमंत्री ने मेला परिसर, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का विस्तृत भ्रमण किया। उन्होंने वहां की मौजूदा व्यवस्थाओं और चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से मेले की तैयारियों, विशेषकर साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन से जुड़ी जानकारियाँ लीं और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
हालांकि मुख्यमंत्री का यह दौरा पूर्व निर्धारित नहीं था, फिर भी मेला स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिले। जिला प्रशासन श्रावणी मेले को लेकर पहले से ही अलर्ट पर था। मुख्यमंत्री के पहुंचने के साथ ही जहानाबाद की डीएम अलंकृता पांडेय सहित अन्य वरीय अधिकारी पूरी तरह सक्रिय नजर आए और मुख्यमंत्री को तैयारियों की जानकारी दी।

श्रद्धालुओं से सीधा संवाद और सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मेला स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं से सीधे बातचीत की। उन्होंने उनसे मेले में मिल रही सुविधाओं और किसी भी प्रकार की असुविधा के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेले के दौरान स्वच्छता, पर्याप्त पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं सर्वोच्च प्राथमिकता पर होनी चाहिए।

बराबर पहाड़ियों को बताया सांस्कृतिक धरोहर
मुख्यमंत्री ने बराबर की पहाड़ियों की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को रेखांकित करते हुए इसे बिहार के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि श्रावण माह के अवसर पर देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पूजा और जलाभिषेक के लिए आते हैं, इसलिए यहां की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाना समय की मांग है।

मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान जदयू नेता निरंजन केशव प्रिंस, स्थानीय विधायक, वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी और वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। वन विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को इस वर्ष किए गए पर्यावरणीय और सौंदर्यीकरण कार्यों के बारे में जानकारी दी। जदयू नेता निरंजन केशव प्रिंस ने मुख्यमंत्री के इस दौरे को “जनता से सीधा संवाद” करार दिया और कहा कि जब मुख्यमंत्री जनता के नेता हैं, तो उनके बीच आने के लिए पहले से सूचना देना जरूरी नहीं।

श्रावण माह में बराबर की पहाड़ियों में लगने वाला वानवर मेला बिहार की आस्था, परंपरा और संस्कृति का एक जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री के इस दौरे से न केवल स्थानीय प्रशासन में उत्साह का संचार हुआ, बल्कि श्रद्धालुओं का मनोबल भी बढ़ा।

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