IPL 2026 के आगाज से ठीक पहले क्रिकेट जगत में एक ऐसी डील हुई है जिसने इतिहास रच दिया है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) अब आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम की हो चुकी है। इस सौदे के साथ ही आर्यमान विक्रम बिड़ला टीम के नए चेयरमैन नियुक्त किए गए हैं।

डील की बड़ी बातें;
कुल कीमत: ₹16,660 करोड़ ($1.78 अरब)।
नये मालिक: आदित्य बिड़ला ग्रुप (लीड), द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन।
हिस्सेदारी: यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) से 100% ओनरशिप खरीदी गई।
खासियत: RCB अब IPL इतिहास की सबसे महंगी टीम बन गई है।

एक अधूरा सपना और एक शानदार हकीकत;
आर्यमान बिड़ला की यह कहानी ‘बदले’ की नहीं, बल्कि ‘बदलाव’ की है। साल 2018 में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा था, लेकिन पूरे सीजन वह बेंच पर ही बैठे रहे। जिस खिलाड़ी को तब डेब्यू का मौका नहीं मिला, आज 8 साल बाद 28 वर्ष की उम्र में उन्होंने पूरी टीम खरीदकर बोर्डरूम में अपनी जगह पक्की कर ली है। बता दें एक दिलचस्प संयोग है कि जिस दिन आर्यमान RCB के बॉस बने, ठीक उसी दिन राजस्थान रॉयल्स (वह टीम जिसने उन्हें मौका नहीं दिया था) की भी बिक्री हुई।

क्रिकेटर से कॉर्पोरेट लीडर तक का सफर;
9 जुलाई 1997 को जन्मे आर्यमान बिड़ला का क्रिकेट करियर भले ही लंबा न रहा हो, लेकिन उसमें प्रभाव जरूर दिखा। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 9 मैचों में 414 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल रहा। मध्य प्रदेश टीम के लिए खेलते हुए उन्होंने रजत पाटीदार के साथ ओपनिंग भी की थी, जो आज RCB के कप्तान हैं। 2019 में उन्होंने क्रिकेट से दूरी बनाकर पारिवारिक व्यवसाय की जिम्मेदारी संभालने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने आदित्य बिड़ला ग्रुप के तहत ई-कॉमर्स और स्टार्टअप क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई और कॉर्पोरेट जगत में एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे। वहीं, अब उनकी भूमिका RCB के चेयरमैन के रूप में भी सामने आ रही है, जहाँ उनका लक्ष्य टीम को उस पहले खिताब तक पहुँचाना है, जिसका इंतजार फैंस लंबे समय से कर रहे हैं।