SIR मुद्दे पर थमा नहीं सियासी तूफान, संसद में गूंजे विपक्ष के नारे…

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। आज वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। वहीं तेजस्वी ने SIR को लेकर सरकार का घेराव किया है। विपक्ष ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है।
दरअसल, इंडिया गठबंधन के विधायक सरकार से मतदाता पुनरीक्षण कार्य पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के विधायकों को अपने स्थान पर बैठने के लिए कहा। जिसके बाद विपक्ष ने उनकी बात न मानते हुए वॉकआउट कर दिया और सदन के बाहर निकल गए। इसके बाद इंडिया गठबंधन के विधायकों ने प्रेस वार्ता की। विपक्ष ने कहा कि बिहार वोटरों के नाम काटने की साजिश चल रही है। करीब 57 लाख लोगो के नाम मतदाता सूची से कटने वाला है। हमलोग इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करवाना चाह रहे हैं लेकिन सरकार इससे भाग रही है।
हालांकि, कांग्रेस के विधायक शकील अहमद खान ने कहा कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जो हरकत की, उसे हमलोगों ने नोटिस किया। उन्हें नेता प्रतिपक्ष पर बोलने की कोई जरूरत नहीं थी लेकिन उन्होंने अनर्गल टिप्पणी की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने खुद संज्ञान लिया। यह बहुत हास्यास्पद विषय है। ऐसा लग रहा था कि सरकार खुद ही सदन चलाने के पक्ष में नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने बहुत ही तार्किक बात की थी। उन्होंने SIR के ऊपर बुनियादी सवाल उठाए। वह तर्कसंगत बात कर रहे थे लेकिन सरकार को उनकी बात पसंद नहीं आई और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा अनावश्यक टिप्पणी करने लगे। उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष जनता की आवाज होती है। लेकिन सदन में विपक्ष को बोलते नहीं दिया जा रहा है। इसलिए विपक्ष के पास बॉयकॉट करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। उसके बाद राजद विधायक आलोक मेहता ने कहा कि पिछले दो-तीन सप्ताह से हम लोग सड़क पर मतदाता पुनरीक्षण कार्य के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। हम लोग सरकार से इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। हम लोग जनता की जो समस्या है उसे सरकार के समक्ष रख रहे हैं लेकिन इस पर कोई फायदा नहीं हो रहा है।

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