बिहार की राजनीति और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भविष्य को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
RJD में नए युग की शुरुआत: तेजस्वी को मिल सकती है कमान
लालू प्रसाद यादव के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए आरजेडी अब अपने भविष्य के नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। सूत्रों के मुताबिक, 25 जनवरी को होने वाली पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है।
प्रमुख बदलाव के मुख्य कारण;
1) लालू यादव का स्वास्थ्य: किडनी ट्रांसप्लांट के बाद से लालू प्रसाद यादव सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं। उम्र और स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं के कारण पार्टी को एक ऐसे चेहरे की जरूरत है जो रोजमर्रा के फैसलों में पूरी तरह सक्रिय रह सके।
2) युवा नेतृत्व की मांग: तेजस्वी यादव पहले से ही बिहार में नेता प्रतिपक्ष और पार्टी के मुख्य रणनीतिकार के रूप में खुद को साबित कर चुके हैं। युवाओं के बीच उनकी बढ़ती लोकप्रियता पार्टी के लिए एक प्लस पॉइंट है।
3) चुनावी प्रदर्शन: पिछले विधानसभा चुनावों में तेजस्वी की अगुवाई में आरजेडी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी। रोजगार और सामाजिक न्याय के उनके विमर्श ने पार्टी को एक नई ऊर्जा दी है।
एक ऐतिहासिक सफर का नया पड़ाव;
| विवरण | तथ्य |
| पार्टी की स्थापना | 5 जुलाई 1997 (जनता दल से अलग होकर) |
| संस्थापक अध्यक्ष | लालू प्रसाद यादव |
| कार्यकाल | स्थापना से अब तक (लगातार 13 बार निर्वाचित) |
| संभावित बदलाव | तेजस्वी यादव (कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में) |
हालांकि पार्टी में उपाध्यक्ष और महासचिव जैसे पद वरिष्ठ नेताओं के पास रहे हैं, लेकिन अध्यक्ष की कुर्सी पर 27 सालों से केवल लालू यादव ही आसीन रहे हैं। यदि 25 जनवरी को तेजस्वी के नाम पर मुहर लगती है, तो यह पार्टी के इतिहास में पहली बार होगा जब नेतृत्व की बागडोर किसी और के हाथ में जाएगी। 25 जनवरी की बैठक केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि आरजेडी के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हो सकती है। लालू यादव का मार्गदर्शन और तेजस्वी की सक्रियता के मेल से पार्टी आगामी चुनावों के लिए खुद को तैयार करना चाहती है।