सिटी पोस्ट लाइव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 17 सितंबर को उनके 75वें जन्मदिन की पूर्व संध्या पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन कर शुभकामनाएं दीं। यह फोन ऐसे समय आया जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता महीनों की खटास के बाद एक बार फिर सकारात्मक माहौल में शुरू हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए ट्रंप को धन्यवाद कहा और व्यापार समझौते की बहाली का उल्लेख किया। मोदी ने लिखा, “आपकी तरह, मैं भी भारतअमेरिका की व्यापक और वैश्विक साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। हम यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की आपकी पहल का समर्थन करते हैं।”
इसके कुछ ही समय बाद, ट्रंप ने Truth Social पर जवाब में लिखा:
“मेरे मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक शानदार फोन कॉल हुई। उन्हें जन्मदिन की बधाई दी! वह एक अद्भुत कार्य कर रहे हैं। नरेंद्र, रूस यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने में मेरे प्रयासों का समर्थन करने के लिए धन्यवाद!”
व्यापार वार्ता में नया मोड़
हाल के महीनों में अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीद को लेकर कई बार फटकार लगाई थी। ट्रंप प्रशासन ने इसी को आधार बनाते हुए भारतीय वस्तुओं पर 50% तक के भारी टैरिफ लगा दिए थे। लेकिन अब ट्रंप और मोदी के व्यक्तिगत समीकरण ने इस तनाव को काफी हद तक कम कर दिया है।
ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार पीटर नवारो और ट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने पहले भारत और प्रधानमंत्री मोदी पर तीखी टिप्पणियाँ की थीं। लेकिन लगभग एक सप्ताह पहले रिश्तों में अचानक से नरमी आई। सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के बीच हुई “तारीफों की अदलाबदली” के बाद व्यापार वार्ता एक बार फिर पटरी पर आ गई। मंगलवार को दिल्ली में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बैठक हुई और इसे “सकारात्मक” बताया गया।
अभी भी बाकी हैं कुछ अहम मुद्दे
- रूसी तेल खरीद:
अमेरिका अब मुख्य रूप से यूरोप को लेकर चिंतित है, लेकिन भारत अभी भी रूस से तेल का बड़ा खरीदार है। यह मसला बातचीत में बारबार उठता है। - कृषि और डेयरी उत्पाद:
भारत शुरू से ही अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों को बाजार तक मुफ्त पहुंच देने के पक्ष में नहीं रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के किसानों के हितों की रक्षा का वादा किया है। अमेरिका खास तौर पर मकई (कॉर्न) को भारत में निर्यात के लिए जगह चाहता है। ट्रंप की शांति दूत की छवि और नोबेल की चाह
ट्रंप कई बार यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने “भारतपाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध” को व्यापार के जरिए रोका। यह दावा खासकर मई में हुए ऑपरेशन “सिंदूर” के बाद सामने आया, जब भारत ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर हमला किया था। भारत ने इन दावों को हमेशा खारिज किया है।
मंगलवार को पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री ने भी ट्रंप के दावे को गलत ठहराया। इसके बावजूद, ट्रंप ने एक बार फिर ‘सात युद्धों को रोकने’ का दावा किया — जिसमें भारतपाकिस्तान विवाद भी शामिल है। यह बयान उन्होंने मोदी को फोन करने से कुछ घंटे पहले ही दिया था, जो शायद नोबेल शांति पुरस्कार की दौड़ में खुद को आगे दिखाने की कोशिश हो सकती है।