लोकसभा में बुधवार को बिहार के दो दिग्गज नेताओं यानी पप्पू यादव और गिरिराज सिंह के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मौका था लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का, लेकिन बहस निजी हमलों और राजनीतिक चुनौतियों तक जा पहुंची।
पप्पू यादव जब सदन को संबोधित कर रहे थे, तब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने उन्हें टोक दिया। इस पर पप्पू यादव बिफर गए और उन्होंने अपनी वरिष्ठता का हवाला देते हुए कहा- जब वह पहली बार सांसद बने थे, तब गिरिराज सिंह का संसदीय राजनीति में उदय भी नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि 1990 से 2026 तक (लगभग 31-36 साल) उनका लंबा संसदीय जीवन रहा है और उन्होंने मुलायम सिंह यादव व चंद्रशेखर जैसे दिग्गजों के संरक्षण में काम किया है।
तीखे वार और पलटवार;
बहस के दौरान बातों का सिलसिला ‘भूंजा’ खाने से लेकर ‘बेटे’ तक पहुँच गया। पप्पू यादव ने गिरिराज सिंह को चुनौती दी कि वे किसी पार्टी के सिंबल के बिना निर्दलीय चुनाव लड़कर जीतें, तब उनकी असली ताकत मानी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि गिरिराज सिंह कभी उनके घर आकर ‘भूंजा’ (बिहार का प्रसिद्ध स्नैक) खाते थे। वहीं, अपने बेटे सार्थक रंजन के IPL में चयन पर उठ रहे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपनी मेहनत से खेल रहा है, किसी की कृपा से नहीं।
आसन का हस्तक्षेप;
जब दोनों नेताओं के बीच ‘तू-तू-मैं-मैं’ बढ़ने लगी, तो पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने दोनों को शांत कराया और पप्पू यादव को वापस अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे पर अपनी बात रखने का निर्देश दिया।
प्रोफाइल: एक नजर में
| विशेषता | पप्पू यादव (58 वर्ष) | गिरिराज सिंह (73 वर्ष) |
| वर्तमान सीट | पूर्णिया (निर्दलीय) | बेगूसराय (भाजपा) |
| संसदीय पारी | 7 बार सांसद | 3 बार सांसद (2014 से लगातार) |
| राजनीतिक पहचान | पूर्णिया के कद्दावर नेता, निर्दलीय जीतने का दम | भाजपा के फायरब्रांड नेता, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री |
| खास बात | 2024 में टिकट न मिलने पर निर्दलीय जीते | 2014 और 2019 के बाद 2024 में भी मंत्री बने |