पटना, 26 मई | सिटी पोस्ट लाइव
बिहार सरकार द्वारा रबी विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत गेहूं की खरीद प्रक्रिया राज्यभर में 1 अप्रैल से शुरू कर दी गई है, जो 15 जून 2025 तक चलेगी। इस बार किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,425 प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और वे बिचौलियों से बच पा रहे हैं।
गेहूं की खरीद जिला स्तर पर प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) और प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडलों के माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा भी कुछ स्थानों पर खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। खास बात यह है कि किसानों को गेहूं की बिक्री के बाद मात्र 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से राहत मिल रही है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने गेहूं खरीद की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन बना दिया है। इसके तहत किसान सबसे पहले कृषि विभाग के पोर्टल www.dbtagriculture.bihar.gov.in पर पंजीकरण करते हैं। पंजीकरण के बाद सहकारिता विभाग के पोर्टल https://esahkari.bihar.gov.in पर आवेदन जमा कर वे अधिप्राप्ति प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।
ऑनलाइन प्रणाली के लागू होने से जहां एक ओर पारदर्शिता बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर बिचौलियों की भूमिका भी लगभग समाप्त हो गई है। किसान अब सीधे सरकारी एजेंसियों को गेहूं बेच पा रहे हैं और बिना किसी परेशानी के भुगतान प्राप्त कर रहे हैं।
राज्य सरकार का यह प्रयास किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, गेहूं की खरीद का यह अभियान राज्य के हर जिले में चल रहा है और किसान अपने नजदीकी PACS या व्यापार मंडल में जाकर गेहूं बेच सकते हैं।
बिहार सरकार की यह पहल किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और विश्वसनीयता स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखा जा रहा है।