बरसात में क्यों बढ़ जाते हैं स्किन प्रॉब्लम्स? हेल्दी स्किन के लिए अपनाएं ये टिप्स…

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव

मानसून की समस्या आते ही स्किन इंफेंक्शन बढ़ने लगता है। बारिश के मौसम में फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन से परेशान लोग डॉक्टर के पास जाते है। आज हम आपको बताएंगे की इस मौसम में किन लोगों को इसका खतरा ज्यादा रहता है?

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एक्सपर्ट बताते हैं कि बरसात के मौसम में वातावरण में नमी और गीलापन बढ़ जाता है। इस फंगस से बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगती है। जिससे खुजली, लाल चकत्ते, फोड़े-फुंसी, दाने और दुर्गंध जैसी स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ जाती हैं। मानसून में बढ़ने वाले कॉमन स्किन इंफेंक्शन:
हर्पीस जोस्टर- चेहरा, छाती, पीठ या शरीर के किसी भी भाग में फफोले होना।
फंगल इंफेंक्शन- खुजली, खुश्की, बदबू और छाले की समस्या।
बैक्टीरियल इंफेंक्शन- सूजन, लाल निशान और पस वाला इंफेंक्शन
पिटिरियासिस रोजिया- गुलाबी, भूरे रंग के चकत्ते, जो शरीर में फैलते है।
एथलीट फुट- पैरों की उगलियों के बीच फंगल इंफेंक्शन।

हालांकि, बरसात में लगातार नमी और पसीना होने से स्किन इन्फेक्शन जल्दी हो जाता है। इसलिए रोजाना नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह से सुखाएं। वहीं, त्वचा को ज्यादा रगड़े नहीं, हल्के हाथों से साफ करें। साथ ही बारिश में भीगने पर तुरंत कपड़ा बदलें और अपने बालों को सुखाएं। और कोशिश करें कि इस मौसम में कॉटन के हल्के कपड़े पहनें। इसके अलावा तौलिया,कपड़े और कंघी जैसी चीजें किसी दूसरे से साझा न करें। पसीना वाली जगहों पर एंटी फंगल पाउडर का इस्तेमाल जरूर करें। अगर त्वचा में खुजली हो रही है या स्किन पर लाल दाने दिख रहा है तो डॉक्टर से जरूर दिखाएं।

गौरतलब है कि मानसून में डियोड्रेंट और टैल्कम पाउडर का ज्यादा इस्तेमाल शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। उसमें मौजूद केमिकल्स स्किन को इरिटेट कर सकते हैं और पिंपल्स या खुजली जैसी समस्या बढ़ा देते है। वहीं, अगर स्किन पर लगातार खुजली हो, लाल चकत्ते दिखें, पपड़ी जैसी परत बनने लगे, फफोले निकलें या दर्द होने लगे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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