सचिन पायलट बने बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार के ड्राइवर, दिया बड़ा मैसेज!

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
पटना:
कांग्रेस के बड़े नेता और राजस्थान के विधायक सचिन पायलट ने आज ड्राइवर को हटाकर खुद गाड़ी चलाई। अपने बगल में बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष विधायक राजेश कुमार को बैठाया। अब बड़े नेता यूं ही तो कुछ करते नहीं, जो भी करते हैं उसका कुछ मायने होता है, कुछ मैसेज देने की कोशिश होती है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश पायलट बिहार कांग्रेस के नेताओं के साथ एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस होटल मौर्या में कर रहे थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट बाहर निकले, तो उन्हें सदाकत आश्रम जाना था। गाड़ी थी, ड्राइवर था, लेकिन सचिन पायलट ड्राइवर को हटाकर ड्राइविंग सीट पर बैठ गए और ड्राइव करते हुए सदाकत आश्रम के लिए निकल गए। बगल में बैठे थे बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार।

यह देखकर कुछ देर के लिए कांग्रेस के बड़े नेता भी चौंक गए और समझने की कोशिश करने लगे कि सचिन पायलट क्या मैसेज देना चाहते हैं। कांग्रेस नेताओं की मानें, तो दो सचिन पायलट ने राजेश कुमार को बगल में बैठाकर और ड्राइविंग कर दो मैसेज देने की कोशिश की है। पहला कि राजेश कुमार को कांग्रेस पूरी अहमियत दे रही है और जो लोग उन्हें डमी अध्यक्ष बता रहे थे, वह पूरी तरह से गलत है। दूसरा मैसेज कि बिहार में अब कांग्रेस ड्राइविंग सीट पर बैठेगी। कांग्रेस अब पीछे की सीट पर बैठकर पिछलग्गू नहीं बनने वाली। इससे पहले प्रेस क्रॉन्फ़्रेंस में सचिन पायलट ने दो टूक कहा था कि पहले बिहार में चुनाव होगा। हम सब मिलकर लड़ेंगे और उसके बाद चुनाव के बाद जब हम जीतेंगे, तो सब लोग मिल बैठकर तय करेंगे कि बिहार में सीएम कौन बनेगा?

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सचिन पायलट कांग्रेस के बड़े नेता हैं। अगर वे बिहार आकर कुछ कह रहे हैं, तो इसका मतलब एकदम साफ़ है कि यही कांग्रेस आलाकमान का फ़ैसला है। कांग्रेस चाहती है कि बिहार में सीएम कैंडिडेट घोषित कर चुनाव नहीं लड़ा जाए, जबकि राजद को यह कतई मंज़ूर नहीं है। कांग्रेस ऐसा क्यों चाहती है कि सीएम घोषित न किया जाए, इसका जवाब कांग्रेस नेता ऑफ़ द रिकॉर्ड यह दे रहे हैं कि तेजस्वी यादव को सीएम कैंडिडेट घोषित करने से नुकसान होगा। यादव और मुस्लिम को छोड़कर दूसरी जातियां महागठबंधन से नहीं जुड़ पाएंगी और महागठबंधन एकबार फिर एनडीए से बिहार में मात खा जाएगा। इसके लिए ज़रूरी है कि बिना सीएम कैंडिडेट घोषित किए चुनाव लड़ा जाए।

हालांकि, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव इस बात से नाराज़ हैं। उन्होंने एलान कर दिया है कि कोई माई का लाल इस बार तेजस्वी को सीएम बनने से नहीं रोक सकता। वहीं तेजस्वी यादव ने खुद ही यह एलान कर दिया है कि मैं ही महागठबंधन का सीएम कैंडिडेट हूं। इस पर सांसद पप्पू यादव ने उन्हें स्वयंभू भगवान बताते हुए करारा तंज कसा है। उधर, राजद ने भी एलान कर दिया है कि उनकी तैयारी 243 सीटों पर है। अब देखिए, यह लड़ाई किस ओर जाती है।

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