ईडी की छापेमारी में मिले 11.65 करोड़,ठेकेदार रिशु श्री के संपर्क में थे अधिकारी.

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सिटी पोस्ट लाइव : टेंडर घोटाले के मामले में भ्रष्ट अधिकारियों के यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)की गुरुवार से चल रही छापेमारी शुक्रवार को पूरी हो गई.इस छापेमारी के दौरान एजेंसी ने  ने 11.65 करोड़ की भारी नकदी वरामद की है. सात भ्रष्ट अधिकारियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी में 11.65 करोड़ कैश के साथ भारी संख्या में संपत्ति से जुड़े दस्तावेज रिश्वत के लेन-देन से जुड़े कागजात आपत्तिजनक कागज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं.

मिले साक्ष्यों की जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय आगे की कार्रवाई शुरू करेगा. सूत्रों के अनुसार  आने वाले दिनों में बिहार के कुछ और अधिकारियों के यहां कार्रवाई हो सकती है.जिन अफसरों के यहां ईडी ने गुरुवार को अपनी कार्रवाई प्रारंभ की थी, उनमें भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर तारिणी दास के अलावा वित्त विभाग के संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी, नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह, शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम के उप प्रोजेक्ट निदेशक एयाज अहमद, सागर जायसवाल डीजीएम (प्रोजेक्ट), डीजीएम विकास झा बिहार स्वास्थ्य सेवाएं आधारभूत संरचना निगम और साकेत कुमार कार्यपालक अभियंता भवन निर्माण विभाग प्रमुख शामिल हैं..

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जिन अधिकारियों-इंजीनियरों के यहां कार्रवाई हुई है,उनके ऊपर निर्माण कार्यों से जुड़े टेंडर में  घपले किए जाने और कार्य होने के बाद भुगतान के एवज में भी रिश्वत वसूले जाने का आरोप हैं.इस मामले में एक ठेकेदार रिशु श्री का नाम भी सामने आया है. सूत्रों की माने तो विभिन्न विभागों में तैनात कई बड़े अफसर रिशु श्री के संपर्क में थे.यह ठेकेदार जब चाहे किसी भी अधिकारी से बेरोक-टोक मिल सकता है, उन्हें सीधे अपनी फोन लाइन पर ले सकने में सक्षम है. ईडी को उम्मीद है कि इस ठेकेदार से भ्रष्ट अधिकारियों के संबंध में बहुत जानकारियां मिल सकती हैं.सूत्रों की माने तो भ्रष्टाचार के मामले में अभी कई और नाम सामने आने की उम्मीद है.

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