पटना में फिर से शूट आउट,दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या, क्या कर रहे हैं SSP ?

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव :राजधानी पटना में सोमवार को एक बार फिर अपराधियों ने कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दी है. दुल्हिनबाजार थाना क्षेत्र के सदावह गांव में दिनदहाड़े युवक आदित्य कुमार की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी है. मृतक की पहचान सदावह गांव निवासी विजय सिंह के बेटे आदित्य कुमार के रूप में हुई है. सोमवार की सुबह आदित्य अपने घर के पास सड़क किनारे खड़ा था. उसी दौरान तीन बाइक सवार अपराधी वहां पहुंचे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों ने पहले आदित्य से कुछ देर तक बात की और फिर अचानक उस पर फायरिंग कर दी. गोली सीधे उसके सिर में लगी और वह वहीं गिर पड़ा. परिजन उसे तुरंत पटना लेकर रवाना हुए लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.

आदित्य के पिता विजय सिंह ने बताया कि उनके परिवार का गांव के ही नीतीश कुमार और उसके साथियों से दस कट्ठा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. विजय सिंह के अनुसार, रविवार को ही आदित्य पटना से घर लौटा था. सोमवार सुबह नीतीश कुमार अपने साथियों के साथ आया और पहले मारपीट शुरू कर दी. विवाद बढ़ने पर उसने आदित्य के सिर में गोली मार दी.घटना की सूचना मिलते ही दुल्हिनबाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची. इसके बाद पटना एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया .मौके से पुलिस ने अपराधियों की बाइक बरामद कर ली है जिससे उनके फरार होने में मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

पटना पश्चिम सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली. सिटी एसपी के मुताबिक, हत्या के पीछे जमीन विवाद की बात सामने आई है. पुलिस ने घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर ली है और उन्हें जल्द पकड़ने के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है.दिनदहाड़े हुई इस निर्मम हत्या के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है. मृतक आदित्य कुमार अपने परिवार में एक होनहार बेटा माना जाता था. गांव वालों के मुताबिक आदित्य पढ़ाई के सिलसिले में पटना में ही रहकर तैयारी कर रहा था और एक दिन पहले ही घर लौटा था.

दिनदहाड़े लगातार हो रही शूट आउट की वारदातों ने लोगों की नींद उड़ा दी है. पटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कैसे लोग अपने घरों से ऐसे माहौल में बाहर निकलेगें. गौरतलब है कि पटना में पिछले दो सप्याताह के अंदर आधा दर्जन से ज्यादा शूट आउट की वारदातें हो चुकी हैं.अपराधियों ने बड़े कारोबारी गोपाल खेमका को उड़ा दिया.फिर बालू कारोबारी को मार दिया और उसके बाद पारस हॉस्पिटल में शूट आउट को अंजाम देकर बिहार को हिला दिया.पटना में एक महिला को सरेआम गोली मार दी और अब आज एक युवक को उअदा दिया है.

पटना एसएसपी साहेब अपराधियों के बीच खौफ पैदा करने के बजाय पत्रकारों में खौफ पैदा कर रहे हैं.वो पत्रकारों को खबर चलाने पर नोटिस भेंजने और अपराध में भागीदार होने का आरोपी बनाने की खुल्लेयाम धमकी दे रहे हैं.सवाल उठता है कि एसएसपी साहेब पत्रकारों को डराकर ,अपराधिक वारदातों की ख़बरें दबाने के लिए कुर्सी पर बैठे हैं या अपराध नियंत्रण के लिए?

Share This Article