सिटी पोस्ट लाइव : नीतीश सरकार के विश्वास मत के दौरान विधायकों की खरीद फरोख्त मामले में ईओयू (बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई )के रडार पर दो JDU के दो विधायक भी रडार पर हैं. पिछले साल नीतीश कुमार के पालाबदल कर बीजेपी के साथ जाने के बाद जदयू विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त के मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने जांच तेज कर दिया है. पुलिस ने जेडीयू की तत्कालीन विधायक बीमा भारती समेत 4 लोगों को नोटिस भेजा है. बीमा भारती पर मोटी रकम लेने का आरोप है. JDU के दो विधायक
इस मामले में जदयू विधायक सुधांशु कुमार ने 11 फरवरी, 2024 को पटना के कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. एफआईआर में जदयू विधायक ने आरोप लगाया था कि कई एनडीए विधायकों को महागठबंधन के पक्ष में वोट दिलाने के लिए मंत्री पद और 10-10 करोड़ रुपये का प्रलोभन दिया गया था. इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केस को आर्थिक अपराध इकाई यानि ईओयू को ट्रांसफर कर दिया गया था.इस मामले में जेडीयू के एक और विधायक सुदर्शन कुमार को भी नोटिस भेजा जा सकता है.
दरअसल, ईओयू ने विधायकों के खरीद फरोख्त के मामले में 25 जून को मामले के आरोपी इंजीनियर सुनील कुमार से लंबी पूछताछ की थी. इंजीनियर सुनील कुमार पर विधायकों की खरीद फरोख्त के लिए पैसे देने का आरोप लगा है. सुनील कुमार को तेजस्वी यादव का करीबी बताया जा रहा है. ईओयू के पास जो सबूत मौजूद हैं, उनमें विधायकों के खरीद-फरोख्त में बालू माफियाओं से मिलने वाले पैसों के इस्तेमाल की बात भी सामने आयी है. ईओयू द्वारा विधायक खरीद मामले में ई सुनील से हुई पूछताछ में एक बालू कारोबारी आलोक यादव का नाम सामने आया था.
आलोक यादव के जरिये विधायक सुदर्शन कुमार को मैनेज करने की कोशिश की गयी थी. आलोक यादव भी इंजीनियर सुनील का बेहद करीबी बताया जा रहा है. ईओयू ने आलोक यादव और विधायक सुदर्शन कुमार के कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की है. दोनों के बीच हुए वाट्सअप कॉल को भी डिकोड किया गया है, जो जानकारी है उसके मुताबिक आलोक यादव ने 2024 में नीतीश सरकार के विश्वास मत के दौरान विधायक सुदर्शन कुमार के पेट्रोल पंप के अकाउंट में काफी मोटी राशि भेजी थी. उस लेन देन की भी जांच की गयी है. जेडीयू के तीसरे विधायक डॉक्टर संजीव के खिलाफ भी सुधांशु कुमार ने पुलिस में शिकायत की थी.उनकी भूमिका भी जांच की जा रही है.