पटना सिविल कोर्ट में फिर बम की दहशत: एक साल में छठी बार मिली उड़ाने की धमकी, न्यायिक कार्य ठप

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
राजधानी पटना का सिविल कोर्ट परिसर सोमवार को एक बार फिर रणक्षेत्र जैसा नजर आया, जब अज्ञात शरारती तत्वों ने ईमेल के जरिए पूरे परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी। पिछले एक साल के भीतर यह छठी बार है जब अदालत को इस तरह का धमकी भरा संदेश मिला है। इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आम जनजीवन और न्यायिक प्रक्रिया को भी पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

ईमेल में RDX का जिक्र, मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11 बजे जिला एवं सत्र न्यायाधीश और बार एसोसिएशन के आधिकारिक ईमेल पर एक संदेश प्राप्त हुआ। इसमें दावा किया गया कि जज के चैंबर और वॉशरूम सहित परिसर के विभिन्न हिस्सों में 4 RDX IED लगाए गए हैं, जिन्हें रिमोट के जरिए उड़ा दिया जाएगा। इस सूचना के मिलते ही अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और तुरंत ‘इवेकुएशन’ (निकासी) का आदेश दिया गया।

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खाली कराया गया परिसर, पप्पू यादव की सुनवाई टली
धमकी मिलते ही पीरबहोर थाने की पुलिस, बम निरोधक दस्ता ( Bomb Detection and Disposal Squad) और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे व्यवहार न्यायालय परिसर को खाली करा लिया गया। न्यायाधीशों, वकीलों और मुवक्किलों को आनन-फानन में बाहर निकाला गया। इस अफरा-तफरी का सबसे बड़ा असर महत्वपूर्ण न्यायिक सुनवाइयों पर पड़ा। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई होनी थी, जो इस हंगामे के कारण स्थगित करनी पड़ी।

जांच एजेंसियों की नाकामी पर वकीलों का आक्रोश
यह पहली बार नहीं है जब पटना सिविल कोर्ट को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले 8 जनवरी और 28 जनवरी 2026 को भी ऐसी ही धमकियां मिली थीं। बार-बार मिल रही इन झूठी धमकियों (Hoax Calls) से वकील और कर्मचारी बेहद नाराज हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि हर बार जांच के नाम पर काम रोक दिया जाता है, लेकिन पुलिस अब तक एक भी आरोपी को पकड़ने या आईपी एड्रेस (IP Address) ट्रेस करने में सफल नहीं रही है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
फिलहाल पूरे परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पटना सिटी एसपी भानू प्रताप सिंह ने बताया कि तकनीकी सेल और साइबर थाना मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। हालांकि तलाशी के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन कोर्ट के मुख्य द्वारों पर सुरक्षा और जांच बढ़ा दी गई है।

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