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नालंदा (बिहार): रविवार को जिले के रहुई थाना क्षेत्र स्थित बारन्दी गांव में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर काम के दौरान एक जर्जर दीवार ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस भयावह दुर्घटना में एक महिला मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतका की पहचान गया जिले के नीमचक बथानी प्रखंड अंतर्गत जगजीवनपुर गांव निवासी 25 वर्षीय गुड़ी कुमारी के रूप में की गई है।
हादसे के वक्त सभी मजदूर भट्ठे पर सामान्य कार्य में लगे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दीवार अचानक भरभराकर गिरी, जिससे चार मजदूर मलबे में दब गए। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने घायलों को मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। लेकिन रास्ते में ही गुड़ी कुमारी ने दम तोड़ दिया।
घायलों में झारखंड के रांची जिले के बरही बिरजुपर गांव निवासी दीपिका कुमारी, आरती कुमारी और रामचंद्र उरांव शामिल हैं। सभी मजदूर हाल ही में इस ईंट-भट्ठा पर काम करने आए थे।भट्ठा के मुंशी भूषण सिंह ने बताया कि हादसा उस वक्त हुआ जब मजदूर अपने नियमित कार्य में व्यस्त थे। दीवार पहले से ही क्षतिग्रस्त स्थिति में थी, जिसकी सूचना प्रबंधन को दी गई थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई।
घटना की जानकारी मिलते ही रहुई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। नालंदा के सदर डीएसपी-2 संजय जायसवाल ने मौके का निरीक्षण करते हुए कहा कि घटना की जांच जारी है और दोषियों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल: मजदूरों की सुरक्षा जिम्मेदारी किसकी?
बार-बार हो रहे ऐसे हादसे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा करते हैं। ईंट-भट्ठा जैसे जोखिमभरे कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी होती रही है। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रबंधन की लापरवाही और सरकारी निरीक्षण तंत्र की विफलता का जीवंत उदाहरण बन गया है।