बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष (जनवरी 2024 से दिसंबर 2025) में राज्य की सुरक्षा स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पुलिस इन आंकड़ों को अपनी सक्रियता और प्रभावी रणनीति की सफलता मान रही है।
प्रमुख अपराधों में कमी (तुलनात्मक आंकड़े):
पिछले वर्ष (2024) की तुलना में गंभीर अपराधों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है:
– डकैती: 29.9% की कमी (कुल 174 मामले)
– दंगे: 21.5% की कमी (कुल 2502 मामले)
– हत्या: 8.3% की कमी (कुल 2556 मामले)
– महिला अपराध: रेप के कुल 2025 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्षों के मुकाबले गिरावट की ओर इशारा करते हैं।
एसटीएफ (STF) और नक्सल विरोधी कार्रवाई:
पुलिस की विशेष शाखा ने अपराधियों और नक्सलियों के खिलाफ कड़ा शिकंजा कसा है:
– मुठभेड़: पिछले 1 वर्ष में अपराधियों और नक्सलियों के साथ 29 मुठभेड़ हुईं।
– गिरफ्तारी: कुल 1682 अपराधी पकड़े गए, जिनमें 134 नक्सली शामिल हैं।
– हथियार बरामदगी: 70 प्रतिबंधित हथियार बरामद किए गए।
अवैध हथियारों और मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान:
राज्य में अवैध हथियारों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर बरामदगी की गई है:
– हथियार व गोला-बारूद: 4963 अवैध हथियार, 54 रेगुलर हथियार और 30,133 कारतूस जब्त किए गए।
– विस्फोटक: 89 बम और 288 डेटोनेटर बरामद किए गए।
– कारखाने: पुलिस ने राज्य भर में 74 मिनी गन फैक्ट्रियों का पर्दाफाश किया।
अभियुक्तों की धरपकड़:
विभिन्न श्रेणियों में कुल 7,099 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिसका विवरण निम्न है:
– सांप्रदायिक हिंसा: 1358 गिरफ्तारियां
– पुलिस पर हमला: 5577 गिरफ्तारियां
– भीड़ द्वारा हिंसा: 86 गिरफ्तारियां
– हर्ष फायरिंग: 78 गिरफ्तारियां
महिला सुरक्षा और नई पहल:
बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। NCRB 2023 के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर 37.5 है, जो राष्ट्रीय औसत (66.2) से काफी कम है।
– महिला हेल्प डेस्क: राज्य के 855 पुलिस थानों में विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।
– “अभया ब्रिगेड”: छात्राओं की सुरक्षा के लिए यह नई पहल 28 जिलों में शुरू की गई है।
– संरचना: प्रत्येक टीम में 1 महिला पुलिस अधिकारी और 3 सिपाही (2 महिला सिपाही अनिवार्य) होते हैं।
– कार्य: स्कूल-कॉलेज और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त करना।
– अभियान “नया सवेरा”: मानव तस्करी के खिलाफ 31 जुलाई से 14 अगस्त 2025 तक चले इस अभियान में 41 नाबालिग लड़कियों, 7 महिलाओं और 64 लड़कों को रेस्क्यू किया गया। इस दौरान 50 तस्करों (28 पुरुष, 22 महिला) को जे