दिल्ली: अवैध हथियारों का जखीरा बरामद, कुख्यात तस्कर गिरफ्तार

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक बड़े तस्कर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार तस्कर की पहचान गौरव कुमार के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के गोंडा थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने उसके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है।

क्राइम ब्रांच की टीम ने गौरव कुमार को महादेव चौक, सेक्टर-30, रोहिणी के पास जाल बिछाकर दबोचा। उसके पास से कुल 14 अवैध पिस्तौलें बरामद हुईं, जिनमें छह ऑटोमेटिक पिस्टल और आठ सिंगल शॉट पिस्टल शामिल हैं। इसके अलावा, उसके बैग से 56 कारतूस और छह अतिरिक्त मैगजीन भी जब्त की गई हैं। यह जखीरा दिल्ली-एनसीआर के गैंगस्टर और बदमाशों को सप्लाई किया जाना था।

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पुलिस उपायुक्त (DCP) पंकज कुमार के अनुसार, हेड कांस्टेबल संदीप संगरोहा को दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल एक अपराधी के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर, एसीपी नरेंद्र बेनीवाल की देखरेख और इंस्पेक्टर संदीप तुषीर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गौरव कुमार को धर दबोचा।

पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी गौरव कुमार पिछले चार से पांच महीनों से अवैध हथियारों की इस सप्लाई चेन में सक्रिय था। वह मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के एक अज्ञात व्यक्ति से ये अवैध हथियार खरीदता था और फिर उन्हें दिल्ली-एनसीआर और यूपी के आपराधिक तत्वों को ऊंची कीमतों पर बेचता था।

पुलिस के लिए यह गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण कड़ी है, क्योंकि गौरव कुमार से बरामद किए गए हथियारों का स्रोत भी मध्य प्रदेश का खरगोन जिला है। पुलिस के अनुसार, खरगोन का यह व्यक्ति पहले भी स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए हथियारों की तस्करी में शामिल रहा है। यह इलाका अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के लिए कुख्यात रहा है।

क्राइम ब्रांच अब गौरव कुमार से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध सप्लाई चेन के मास्टरमाइंड, मध्य प्रदेश के तस्कर और दिल्ली-एनसीआर व यूपी के उन सभी बदमाशों की पहचान की जा सके, जिन्हें ये हथियार बेचे गए थे। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से दिल्ली और आसपास के इलाकों में संगठित अपराध और गैंगवार को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। पुलिस की टीमें गौरव कुमार के अन्य सहयोगियों और हथियार के मुख्य स्रोत की तलाश में जुटी हुई हैं। इस पूरे नेटवर्क का जल्द ही भंडाफोड़ होने की उम्मीद है। यह कार्रवाई दिखाती है कि दिल्ली क्राइम ब्रांच अवैध हथियारों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

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