जन सुनवाई के दौरान दिल्ली CM रेखा गुप्ता पर हमला, आरोपी राजकोट का व्यक्ति गिरफ्तार, हत्या की कोशिश का मामला दर्ज

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
बुधवार सुबह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर एक जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान हमला हुआ। यह घटना सिविल लाइंस स्थित कैंप कार्यालय में उस समय हुई जब वह जनता की शिकायतें सुन रही थीं। आरोपी की पहचान राजेशभाई खीमजीभाई सकरिया (41 वर्ष) के रूप में हुई है, जो राजकोट, गुजरात का निवासी है।

आरोपी ने शिकायतकर्ता के रूप में कार्यालय में प्रवेश किया और सुबह 8:30 बजे के आसपास हमला कर दिया। उसने पहले कुछ कागज दिए और फिर अचानक मुख्यमंत्री पर हमला कर उन्हें ज़मीन पर गिरा दिया।CM की सुरक्षा में तैनात ASI द्वारा दर्ज शिकायत में कहा गया है कि आरोपी की हरकत से मुख्यमंत्री की जान को खतरा था। FIR में हत्या के प्रयास (BNS 109(1)), सरकारी कर्मचारी पर हमला (BNS 132), और बाधा डालने (BNS 221) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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आरोपी की मां भानु सकरिया ने बताया कि उसका बेटा मानसिक रूप से अस्थिर है और कुत्तों से बेहद लगाव रखता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को पकड़ने और शेल्टर में भेजने का निर्देश दिया गया है, से वह बहुत नाराज था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने CM के पोस्टर और सोशल मीडिया रील्स देखकर हमला करने का निर्णय लिया।

राजकोट पुलिस के अनुसार, आरोपी पर 2017 से 2024 के बीच 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, धमकी और नशे की हालत में बवाल करना शामिल है। घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस बी के सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। CM की मेडिकल जांच उनके निवास पर कराई गई और CCTV फुटेज भी कब्जे में ले लिए गए हैं।

हमले के बाद अपने पहले बयान में रेखा गुप्ता ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “यह हमला केवल मुझ पर नहीं, बल्कि हमारी सेवा की भावना और दिल्ली की जनता के कल्याण के लिए हमारी प्रतिबद्धता पर हमला है। मैं अब ठीक हूं और जल्द ही दोबारा आपके बीच कार्यरत रहूंगी।”

दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा और मंत्री कपिल मिश्रा ने घटना की कड़ी निंदा की। मिश्रा ने इसे पूर्व-नियोजित साजिश बताया। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आतिशी ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले भी दिल्ली के मुख्यमंत्री पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। 2012 में शीला दीक्षित पर चप्पल फेंकी गई थी औ अरविंद केजरीवाल पर सार्वजनिक रैलियों के दौरान कई बार हमला हो चुका है।

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