सड़क हादसे में दरोगा जलालुद्दीन की दर्दनाक मौत, ईद की कुर्बानी के लिए जा रहे थे गांव
सिटी पोस्ट लाइव
शनिवार दोपहर शाहपुर थाना क्षेत्र के इटवां गांव के पास एक भीषण सड़क हादसे में आरा ट्रैफिक थाना में तैनात दरोगा मो. जलालुद्दीन की मौत हो गई। ईद-उल-अजहा की कुर्बानी के लिए अपने पैतृक गांव बक्सर जिले के सातों सिमरी जा रहे थे, तभी उनकी कार की आमने-सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से टक्कर हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि वैगनआर कार के परखच्चे उड़ गए। मौके पर स्थानीय लोगों ने दरोगा को कार से निकालकर आनन-फानन में आरा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार में मचा कोहराम
मृतक दरोगा की पहचान बक्सर जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के सातों सिमरी गांव निवासी 52 वर्षीय मो. जलालुद्दीन के रूप में हुई है। वे पिछले कई वर्षों से अपने परिवार के साथ आरा के वलीगंज इलाके में रह रहे थे। उनके बेटे इरफान ने बताया कि वह ईद की कुर्बानी के लिए गांव जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
डीएसपी ने जताया शोक
हादसे की जानकारी मिलते ही ट्रैफिक डीएसपी मनोज कुमार सुधांशु, थानाध्यक्ष श्रवण कुमार समेत कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे। डीएसपी ने कहा कि जलालुद्दीन एक तेज-तर्रार और कर्मठ पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई थी। उनके निधन से विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है।
परिवार की स्थिति
दरोगा जलालुद्दीन की दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी नजमा खातून की मृत्यु के बाद उन्होंने बेबी खातून से विवाह किया था। पहली पत्नी से उन्हें दो बेटियां – रजिया और नाजिया हैं, जबकि दूसरी पत्नी से दो बेटियां – गुड़िया और खुशी तथा एक बेटा इरफान है।
पुलिस कर रही जांच
घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है। ट्रक चालक भी हादसे में घायल हुआ है और उसका इलाज जारी है।