पटना के पॉश इलाके में दुस्साहस: घर में अकेली रिटायर्ड शिक्षिका की गला रेतकर हत्या, लूट के बाद वारदात से दहली राजधानी…

Ritu Raj

राजधानी पटना में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। अभी चित्रगुप्त नगर में नीट छात्रा के साथ हुए जघन्य अपराध का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि शनिवार की सुबह एक और सनसनीखेज वारदात ने शहर को दहला दिया। शास्त्री नगर थाना क्षेत्र की हाई-प्रोफाइल एजी कॉलोनी में एक 77 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षिका, माधवी कुमारी, की उनके घर में ही गला रेतकर हत्या कर दी गई।

घटना का विवरण:
माधवी कुमारी अपने निजी मकान के एक फ्लैट में अकेली रहती थीं, जबकि अन्य फ्लैट्स में किराएदार रहते थे। उनके दोनों बेटे बिहार से बाहर कार्यरत हैं। शनिवार सुबह जब उनकी लाश मिली, तो कमरे का मंजर देखकर पुलिस के भी होश उड़ गए। मृतका के गले पर गहरे जख्म के निशान थे, जो संकेत दे रहे हैं कि धारदार हथियार से उनका गला रेता गया है।

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जांच के मुख्य बिंदु:
सचिवालय एसडीपीओ साकेत कुमार और शास्त्री नगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू कर दी है। जांच के दौरान निम्नलिखित बातें सामने आई हैं:
लूट की आशंका: परिजनों के मुताबिक, महिला के गले की सोने की चेन और हाथ की अंगूठियां गायब हैं। हालांकि, घर का अन्य सामान सुरक्षित है।
सीसीटीवी फुटेज: पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके।
हिरासत में पूछताछ: पुलिस ने किराएदारों और कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
वैज्ञानिक साक्ष्य: एफएसएल (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया है ताकि फिंगरप्रिंट्स और अन्य तकनीकी सबूत जुटाए जा सकें।

पुलिस प्रशासन और सुरक्षा पर सवाल:
भले ही गृह विभाग और बिहार सरकार अपराध नियंत्रण के बड़े-बड़े दावे कर रहे हों, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है। एजी कॉलोनी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में इस तरह की वारदात पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र की विफलता को दर्शाती है। अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पुलिस का ‘बीट सिस्टम’ और वेरिफिकेशन प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। नीट छात्रा कांड के तुरंत बाद हुई इस घटना ने स्थानीय निवासियों में डर का माहौल पैदा कर दिया है।
“हम हर बिंदु पर गहराई से जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या के कारणों का पूरी तरह खुलासा हो पाएगा। सीसीटीवी की मदद ली जा रही है और हम जल्द ही अपराधियों को पकड़ लेंगे।” — साकेत कुमार, एसडीपीओ, सचिवालय

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