पटना में ‘गुंडाराज’: पत्रकार और उनके परिवार पर सरेआम हमला, बीच सड़क पर मचाया तांडव

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजधानी पटना में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शासन और प्रशासन की नाक के नीचे अपराधी इस कदर बेखौफ हैं कि अब वे आम नागरिक तो दूर, मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाने से नहीं हिचकिचा रहे हैं। ताजा मामला अगमकुआं थाना क्षेत्र का है, जहाँ वर्चस्व और दबंगई के नशे में चूर सीटू शाह और उसके गुर्गों ने एक पत्रकार और उनके बुजुर्ग पिता की बेरहमी से पिटाई कर दी।

विवाद की वजह: सिर्फ रास्ता मांगना पड़ा भारी
घटना सोमवार देर शाम की है, जब पत्रकार अभिषेक आनंद अपनी मासूम बच्ची को डॉक्टर के पास से दिखाकर सपरिवार घर लौट रहे थे। ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में एक गोदाम के पास पिकअप वैन (BR01GL-0269) को बीच सड़क पर खड़ा कर माल लोड किया जा रहा था, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित था। जब अभिषेक और उनके पिता ने शालीनता से गाड़ी किनारे करने का अनुरोध किया, तो गोदाम मालिक सीटू शाह और उसके साथी उग्र हो गए। देखते ही देखते बात गाली-गलौज से शुरू होकर मारपीट तक पहुंच गई।

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घर में घुसकर हमला और दहशत का माहौल
हैरानी की बात यह है कि सड़क पर हुई झड़प के बाद भी दबंगों का मन नहीं भरा। कुछ ही समय बाद सीटू शाह, जितेंद्र, चंदन और करीब एक दर्जन असामाजिक तत्वों ने पत्रकार के घर पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने न केवल पत्रकार के साथ मारपीट की, बल्कि उनके बुजुर्ग पिता को भी नहीं बख्शा। हमले में अभिषेक के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। जाते-जाते हमलावरों ने पूरे मोहल्ले को धमकाया कि जो भी उनके खिलाफ आवाज उठाएगा, उसका अंजाम बुरा होगा।

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
एक तरफ बिहार सरकार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी अपराधियों को राज्य से बाहर खदेड़ने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर “खौफ का खेल” जारी है। स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि सीटू शाह इलाके में पहले भी कई विवादों में शामिल रहा है, लेकिन पुलिस की ढिलाई के कारण उसके हौसले बुलंद हैं। फिलहाल अगमकुआं थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अपराधियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है।

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