कितने वैध, कितने अवैध? पटना में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हॉस्टलों की अब खैर नहीं, महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट…

Ritu Raj

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। राजनीतिक दलों ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है, जबकि जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। इसी बीच बिहार राज्य महिला आयोग ने इस घटना पर गंभीरता से संज्ञान लिया है।
मंगलवार (20 जनवरी 2026) को आयोग की अध्यक्ष अप्सरा कुमारी ने पटना के जिलाधिकारी को एक पत्र जारी किया, जिसमें शहर के सभी गर्ल्स हॉस्टलों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई है।

पत्र में मुख्य रूप से ये सवाल उठाए गए हैं:
1) पटना में गर्ल्स हॉस्टल चलाने के लिए रजिस्ट्रेशन का क्या प्रावधान है?
2) कितने हॉस्टल ने वैध रूप से रजिस्ट्रेशन कराया है और कितने अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं?
3) चल रहे हॉस्टलों में लड़कियों के ठहरने के लिए कितना क्षेत्रफल उपलब्ध है? प्रति लड़की कितना न्यूनतम क्षेत्रफल अनिवार्य होना चाहिए?
4) छात्राओं के पोषण और भोजन की क्या व्यवस्था है?
5) सुरक्षा के लिहाज से प्रति कितनी लड़कियों पर कितने गार्ड होने चाहिए?
6) विभिन्न हॉस्टलों में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?

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अप्सरा कुमारी ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि नीट छात्रा की मौत की घटना के बाद से आयोग सक्रिय है। मामले की जानकारी मिलते ही अधिकारियों से संपर्क किया गया, जिसके परिणामस्वरूप एसआईटी का गठन हो चुका है। पुलिस जल्द ही जांच रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने कहा कि आयोग लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहता है। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत गया से की गई है और पूरे बिहार में इसे विस्तार दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सरकार से सहयोग भी लिया जाएगा। बता दें कि इस मामले में हॉस्टल को पहले ही सील कर दिया गया है, मालिक गिरफ्तार हो चुका है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका जताई गई है, जिससे जांच और जटिल हो गई है।

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