पूर्व IPS अमिताभ दास की आज कोर्ट में पेशी: POCSO एक्ट की धाराओं ने बढ़ाई मुश्किलें, गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजधानी पटना में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास की गिरफ्तारी के बाद सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। नीट (NEET) छात्रा की मौत के मामले में कथित रूप से भ्रामक खबरें फैलाने और संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप में पुलिस ने उन्हें शुक्रवार देर शाम गिरफ्तार किया था। आज, शनिवार 14 फरवरी को उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच पटना की अदालत में पेश किया जा रहा है।

तबीयत बिगड़ने से मचा हड़कंप
ताजा जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद पुलिस कस्टडी में अमिताभ दास की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत की, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में रखने के बाद अब पुलिस उन्हें ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की तैयारी में है। समर्थकों का कहना है कि गिरफ्तारी के तनाव के कारण उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ा है।

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पॉक्सो (POCSO) एक्ट का पेच और कानूनी चुनौतियां
अमिताभ दास की मुश्किलें महज गिरफ्तारी तक सीमित नहीं हैं। उन पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) जैसी अत्यंत संगीन धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने एक नाबालिग मृतका की पहचान उजागर की और जांच को प्रभावित करने वाले भ्रामक दावे किए।

कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिलती। ऐसी स्थिति में आज कोर्ट से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद न के बराबर है और उन्हें न्यायिक हिरासत (जेल) भेजा जा सकता है। पुलिस अदालत से उनकी रिमांड की मांग भी कर सकती है ताकि उन ‘तथ्यों’ के स्रोत का पता लगाया जा सके, जिनका दावा वे सोशल मीडिया पर कर रहे थे।

अभिव्यक्ति की आजादी बनाम कानून का उल्लंघन
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पटना में वैचारिक जंग छेड़ दी है। अमिताभ दास के समर्थकों और कुछ नागरिक संगठनों ने इसे ‘आवाज दबाने की कोशिश’ और ‘अभिव्यक्ति की आजादी का हनन’ करार दिया है। वहीं, पुलिस प्रशासन का रुख बेहद सख्त है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि कानून की लक्ष्मण रेखा लांघने और जांच में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका पूर्व ओहदा कुछ भी रहा हो।

अदालत परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए कोर्ट परिसर और अमिताभ दास के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सबकी निगाहें अब कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं कि क्या पूर्व IPS को जेल जाना होगा या उन्हें इलाज के लिए राहत मिलेगी।

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