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सहरसा: बिहार के सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र में एक पुराने जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस संघर्ष में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक बुजुर्ग व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। घायलों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। मृतक की पहचान गौरदह पंचायत के कबिया गांव निवासी 60 वर्षीय राजेंद्र सादा के रूप में हुई है, जबकि घायलों में 30 वर्षीय दीपक सादा, 20 वर्षीय गुड़िया देवी और 25 वर्षीय रिका देवी शामिल हैं।
परिजनों के अनुसार, यह विवाद गांव के ही दीपक यादव और जय नारायण यादव से 5 डिसमिल जमीन को लेकर था, जिसका मामला कोर्ट में लंबित है। इस विवाद को लेकर पहले भी दोनों पक्षों में तनातनी बनी हुई थी, लेकिन गुरुवार की शाम यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।

गुरुवार की शाम परिवार पर जानलेवा हमला
घटना के दिन गुरुवार को दीपक सादा अपने केस के सिलसिले में सहरसा कोर्ट गए हुए थे। वहां से लौटने के बाद जब वे अपने घर पहुंचे और परिवार के साथ नाश्ता कर रहे थे, तभी दीपक यादव, जय नारायण यादव और उनके साथियों ने अचानक हमला कर दिया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने लोहे की रॉड, डंडे और चापाकल के हैंडपंप के हत्थे से हमला किया। इस हमले में सबसे ज्यादा चोट राजेंद्र सादा, दीपक सादा और उनकी दोनों महिला परिजनों को आई।
चारों घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल
हमले के बाद सभी लोग लहूलुहान हो गए और किसी तरह अस्पताल पहुंचे। पहले उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। शुक्रवार को इलाज के दौरान 60 वर्षीय राजेंद्र सादा की मौत हो गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
घायल दीपक सादा ने बताया कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया और पुलिस में शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी। उन्होंने यह भी कहा कि हमलावर पहले भी उनके परिवार को धमका चुके थे, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसका नतीजा यह हुआ कि आज उनके पिता की जान चली गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि गांव के दबंगों ने प्रशासन की मिलीभगत से इस विवाद को और बढ़ाया और अब पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सलखुआ थाना प्रभारी विशाल कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “हम मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।” इस घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। लोग डरे हुए हैं कि यह विवाद और बड़ा रूप न ले ले। ऐसे में पुलिस बल को गांव में तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

सदमे में परिवार के लोग
राजेंद्र सादा की मौत के बाद उनका परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों ने प्रशासन से हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है। वहीं, गांव में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पर न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कितना सफल होता है।