पटना: राजधानी के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में हुई NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब एक बेहद खौफनाक मोड़ ले लिया है। शुरुआती जांच में जो मामला आत्महत्या या रहस्यमयी मौत की ओर इशारा कर रहा था, फॉरेंसिक लैब की ताज़ा रिपोर्ट ने उसमें ‘यौन उत्पीड़न’ की पुष्टि कर पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट का वो ‘खौफनाक’ सच;
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) ने अपनी बायोलॉजिकल रिपोर्ट जिला पुलिस को सौंप दी है। इस रिपोर्ट के निष्कर्ष चौंकाने वाले और विचलित करने वाले हैं। जांच में छात्रा के कपड़ों (अंडरगारमेंट्स) पर ‘मेल स्पर्म’ की पुष्टि हुई है। यह वैज्ञानिक साक्ष्य साफ़ तौर पर संकेत दे रहा है कि मौत से पहले या उस दौरान छात्रा के साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया था।
बदल गई जांच की दिशा: अब ‘मर्डर और रेप’ का एंगल
इस रिपोर्ट के आने के बाद पटना पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की दिशा बदल दी है। अब यह केवल एक संदिग्ध मौत का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसे एक सुनियोजित अपराध और यौन उत्पीड़न के नज़रिए से देखा जा रहा है।
पुलिस के सामने खड़ी 3 बड़ी चुनौतियां:
– संदिग्ध की पहचान: हॉस्टल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर वह बाहरी या अंदरूनी शख्स कौन था, जिसने इस वारदात को अंजाम दिया?
– CCTV का जाल: पुलिस पिछले कई दिनों के सीसीटीवी फुटेज को फ्रेम-दर-फ्रेम खंगाल रही है ताकि किसी भी संदिग्ध हलचल को पकड़ा जा सके।
– DNA मिलान: अब पुलिस छात्रा के संपर्क में रहे संदिग्धों, हॉस्टल स्टाफ या परिचितों का DNA टेस्ट करवा सकती है ताकि फॉरेंसिक रिपोर्ट से मिले साक्ष्यों का मिलान किया जा सके।
हॉस्टल सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल;
शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में हुई इस घटना ने पटना में रह रही हज़ारों छात्राओं और उनके अभिभावकों के मन में डर पैदा कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि:
1) क्या हॉस्टल में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम नहीं थे?
2) क्या किसी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश इतना आसान था?
3) क्या छात्रा ने पहले भी किसी तरह की शिकायत की थी?
न्याय की आस: कब सलाखों के पीछे होगा दरिंदा?
फिलहाल पुलिस छात्रा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया चैट्स की भी गहनता से जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे बहुत जल्द उस ‘सस्पेक्ट’ तक पहुँच जाएंगे। लेकिन बड़ा सवाल अब भी वही है— क्या सिस्टम उस बेटी को समय पर न्याय दिला पाएगा? इस केस से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए हम पीड़ित परिवार और जांच अधिकारियों के संपर्क में हैं। हमारी नज़र इस मामले पर बनी रहेगी।