नीट छात्रा मौत मामला: पटना और जहानाबाद के बाद अब गया में CBI की दबिश, ‘ननिहाल कनेक्शन’ से खुलेंगे राज!

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
पटना के एक निजी हॉस्टल में नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अब अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। गुरुवार को जांच एजेंसी की टीम ने जहानाबाद और गया में ताबड़तोड़ छापेमारी और पूछताछ की। इस दौरान छात्रा के ‘ननिहाल कनेक्शन’ को खंगालने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि मौत से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा जा सके।

तीन घंटे की गहन पूछताछ और बयानों का मिलान
सीबीआई की टीम गुरुवार को तीसरी बार जहानाबाद के मखदुमपुर थाना क्षेत्र स्थित मृतका के पैतृक गांव पहुंची। यहाँ अधिकारियों ने मृतका की माँ और नानी से करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में सवाल-जवाब किए। जांच का मुख्य केंद्र बिंदु छात्रा के बीमार होने से लेकर अस्पताल में भर्ती होने तक के घटनाक्रम पर रहा।

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सूत्रों के अनुसार, सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हॉस्टल संचालिका के साथ छात्रा और उसके परिजनों के संबंध कैसे थे। क्या संचालिका ने छात्रा की बीमारी या स्थिति को लेकर परिवार से कुछ छिपाया था? इसके तुरंत बाद टीम गया स्थित छात्रा के ननिहाल के लिए रवाना हो गई।

ननिहाल में ‘सामूहिक पूछताछ’ का दौर
गया में छात्रा के मामा और अन्य रिश्तेदारों से लंबी पूछताछ की गई। जानकारी के अनुसार, मृतका के चार मामा हैं, जिनमें से दो बाहर नौकरी करते हैं और दो अपने परिवार के साथ गया में ही रहते हैं। सीबीआई ने परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर ‘सामूहिक पूछताछ’ (Group Interrogation) की। इस प्रक्रिया का उद्देश्य बयानों में किसी भी प्रकार के विरोधाभास को पकड़ना और यह समझना था कि छात्रा ने अंतिम दिनों में अपने रिश्तेदारों से फोन पर क्या बातें की थीं।

क्या है शंभू गर्ल्स हॉस्टल का विवाद?
यह पूरा मामला पटना के ‘शंभू गर्ल्स हॉस्टल’ से जुड़ा है। पिछले महीने वहां रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा रहस्यमयी ढंग से बेसुध पाई गई थी। अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने हॉस्टल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का सीधा आरोप है कि छात्रा के साथ अनहोनी हुई है, जिसमें हत्या और दुष्कर्म की आशंका जताई गई है।

जनता के भारी आक्रोश और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिहार सरकार ने 31 जनवरी को इस केस की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की थी। अब सीबीआई वैज्ञानिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर हॉस्टल संचालिका की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

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