नीट छात्रा मौत मामला: पटना पुलिस की थ्योरी में ‘यू-टर्न’, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोल, क्या रसूखदारों को बचाने की हुई कोशिश?

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही 17-18 साल की छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे बिहार को हिला दिया है। इस मामले में पटना पुलिस की बदलती थ्योरी और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शुरुआत में पुलिस ने कहा था कि छात्रा की मौत नींद की दवा के अधिक सेवन से हुई, और यौन उत्पीड़न के कोई संकेत नहीं मिले थे। लेकिन अब, पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने अपने बयान में बदलाव करते हुए कहा है कि “Sexual violence can not be ruled out” यानी यौन हिंसा को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

11 जनवरी को हुई छात्रा की मौत के बाद से ही परिजन और स्थानीय लोग इस घटना को हत्या और दुष्कर्म से जोड़ रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान, नाखून के निशान और निजी अंगों पर गहरी चोटें पाई गई हैं। इसके बाद पुलिस ने हॉस्टल मालिक मनिष कुमार रंजन को गिरफ्तार कर लिया है ताकि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न हो सके।

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परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की और जांच को सही तरीके से नहीं किया। परिजनों का कहना है कि शुरुआत में पुलिस पर दबाव बनाया गया ताकि मामला रफा-दफा किया जा सके। इस मामले को लेकर कई विपक्षी नेताओं और सामाजिक संगठनों ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस ने अब विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है और मामले की निगरानी IG सेंट्रल जोन द्वारा की जा रही है। जांच का दायरा बढ़ाया गया है और AIIMS से सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। छात्रों, परिजनों और आम जनता ने पटना के विभिन्न इलाकों में प्रदर्शन कर न्याय की मांग की है।

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