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पटना/खगड़िया। खगड़िया जिले के शहरबन्नी गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी को उनके ही घर से निकाल दिया गया और उनके कमरों पर ताला जड़ दिया गया। इस मामले में आरोप रामविलास पासवान के छोटे भाई पशुपति कुमार पारस के परिवार पर लगा है। राजकुमारी देवी ने आरोप लगाया है कि पशुपति पारस और रामचंद्र पासवान की पत्नी ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया।

परिवार में गहराया संपत्ति विवाद, चिराग पासवान की मुश्किलें बढ़ीं!
राजनीति में अपने करिश्मे के लिए पहचाने जाने वाले रामविलास पासवान का परिवार अब संपत्ति विवाद में उलझ चुका है। इस विवाद का केंद्र राजकुमारी देवी हैं, जिनकी संपत्ति पर पशुपति पारस के परिवार ने अपना मालिकाना हक जताते हुए जबरन ताले लगा दिए हैं। राजकुमारी देवी ने आरोप लगाया है कि पशुपति पारस और रामचंद्र पासवान की पत्नी ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। यह मामला अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान तक पहुंच गया है, जो अपनी सौतेली मां राजकुमारी देवी को अपनी माता के रूप में सम्मान देते आए हैं। हालांकि, अभी तक राजकुमारी देवी ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई है, लेकिन उनकी पीड़ा साफ झलक रही है।

क्या अब भी चुप रहेंगे चिराग पासवान?
‘धरती गूंजे आसमान, रामविलास पासवान’—कभी यह नारा बुलंद करने वाले समर्थक आज सवाल उठा रहे हैं कि क्या उनके नेता के परिवार में ऐसा अन्याय होना चाहिए? राजकुमारी देवी की आँखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। उन्होंने अपनी मांग उठाई है कि उन्हें उनके ही घर से बेदखल करना नाइंसाफी है। इस पूरे घटनाक्रम ने चिराग पासवान के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अगर वह इस मामले पर चुप रहते हैं, तो उनकी छवि को नुकसान होगा और समर्थकों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। अगर वह खुलकर बोलते हैं, तो उनके और पशुपति पारस के बीच की दुश्मनी और गहरी हो सकती है।
बता दें कि रामविलास पासवान ने दो शादियां की थीं—पहली शादी 1960 में राजकुमारी देवी से की थी, जब वह सिर्फ 14 साल के थे। बाद में उन्होंने 1983 में रीना शर्मा से विवाह किया, जिनसे उन्हें चिराग पासवान हुए। हालांकि, चिराग पासवान ने हमेशा अपनी सौतेली मां राजकुमारी देवी को भी सम्मान दिया और अक्सर उनसे मिलने शहरबन्नी गांव जाते रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चिराग पासवान इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं या पारिवारिक रिश्तों को बचाने के लिए चुप्पी साधे रहते हैं। यह मामला केवल एक परिवार के भीतर संपत्ति विवाद नहीं है, बल्कि बिहार की राजनीति में भी हलचल मचाने वाला मुद्दा बनता जा रहा है।