सिटी पोस्ट लाइव
देश की राजधानी दिल्ली में हुए भीषण धमाके ने सिर्फ महानगर को ही नहीं, बल्कि उससे दूर हसनपुर (अमरोहा) कस्बे के दो परिवारों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। धमाके में मारे गए हसनपुर निवासी लोकेश अग्रवाल और उनके दोस्त अशोक कुमार गुर्जर के पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह जब उनके पैतृक निवास पर पहुंचे, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दोनों घरों में कोहराम मच गया और अंतिम दर्शन के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
सोमवार शाम दिल्ली में हुए आतंकी धमाके की खबर से जहां देश सहमा हुआ था, वहीं हसनपुर के लोग लोकेश और अशोक के निधन की खबर सुनकर स्तब्ध थे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मंगलवार सुबह करीब 9:45 बजे दोनों दोस्तों के शवों को अलग-अलग वाहनों से उनके घर लाया गया। शवों को देखते ही माहौल अत्यंत गमगीन हो गया। परिजनों की चीत्कार से पूरा वातावरण गूंज उठा। उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें नम थीं, और हर कोई नियति के इस क्रूर खेल पर विश्वास नहीं कर पा रहा था।
लोकेश अग्रवाल, जो शहर में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति थे, सोमवार सुबह अपनी समधन शशि अग्रवाल को देखने के लिए घर से निकले थे। शशि अग्रवाल दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती थीं। लोकेश को यह अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी हसनपुर से आखिरी विदाई है। नियति ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था।
उनकी अगवानी करने के लिए, लोकेश के मित्र अशोक कुमार गुर्जर, जो ग्राम मंगरोला के निवासी थे, लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचे। दोनों दोस्त आपस में मिले ही थे कि कुछ ही मिनटों के भीतर वह भयानक धमाका हो गया। दोनों दोस्त, जो जिंदगी में कभी न बिछड़ने की कसमें खाते थे, काल के गाल में एक साथ समा गए। एक ही क्षेत्र के दो व्यक्तियों की इस तरह अचानक और दुखद मौत से पूरे हसनपुर क्षेत्र का माहौल गमगीन है।
जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, वह तत्काल अंतिम दर्शन के लिए लोकेश और अशोक के घर की ओर दौड़ पड़ा। लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए, परिवारों को संभालना मुश्किल हो रहा था। हर कोई घटना की पूरी जानकारी लेने के लिए उत्सुक था, और दोनों मित्रों के जीवन के बारे में चर्चा हो रही थी।
इस बीच, लोकेश अग्रवाल के चाचा, जो अहमदाबाद में रहते हैं, अपने भतीजे की मौत की खबर सुनकर तुरंत हसनपुर के लिए लौट रहे हैं। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि लोकेश के चाचा के आने के बाद, दोनों मित्रों का अंतिम संस्कार पास के बृजघाट गंगा तट पर पूरे रीति-रिवाज के साथ किया जाएगा। हसनपुर ने आज अपने दो प्रिय बेटों को खो दिया है, और यह दुखद घटना लंबे समय तक लोगों के दिलों में टीस बनकर रहेगी।