सिटी पोस्ट लाइव: बिहार के बेगूसराय जिले में अपराधियों के हौसले एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। चकिया थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध सिमरिया गंगा घाट पर दिनदहाड़े श्रद्धालुओं के बीच लूट और फायरिंग की वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी।
घटना उस वक्त हुई जब उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी संदीप गुप्ता अपने परिजनों के साथ गंगा स्नान के लिए सिमरिया घाट पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक, संदीप अपने ससुराल समस्तीपुर आए थे, जहां उनके ससुर के श्रद्धा कर्म में शामिल होने के बाद पूरा परिवार गंगा स्नान के लिए घाट पहुंचा था।
स्नान की तैयारी कर रहे संदीप की सास से अपराधियों ने हथियार के बल पर सोने की चेन लूटने की कोशिश की। संदीप ने जब इसका विरोध किया, तो अपराधियों ने उन्हें पैर में गोली मार दी। फायरिंग के बाद बदमाश मौके से चेन लूटकर फरार हो गए।
घटना के तुरंत बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। घायल संदीप को आनन-फानन में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
परिजनों का आरोप है कि घाट पर उस समय कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था, जिससे अपराधियों को वारदात को अंजाम देने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बाद पुलिस मौके पर आई जरूर, लेकिन सिर्फ खानापूर्ति कर वापस लौट गई।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सिमरिया जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं किया गया, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा खतरे में है।
फिलहाल चकिया थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, लेकिन अपराधियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है।
इस घटना ने बेगूसराय में लगातार बढ़ रहे अपराध के मामलों पर फिर से नजरें केंद्रित कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी अब सवाल उठने लगे हैं। लोगों की मांग है कि सिमरिया घाट जैसे भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर स्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।