ट्रेनी डॉक्टर की हत्या मामले में दोषी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा, 50 हजार का जुर्माना

Rahul
By Rahul

सिटी पोस्ट लाइव
सियालदह ।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुए डॉक्टर रेप-मर्डर केस में मुख्य आरोपी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही 50 हजार हजार का जुर्माना लगाया गया है। सियालदह कोर्ट की विशेष अदालत ने सोमवार को सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ रेप-हत्या के मामले में एकमात्र दोषी सिविक वालंटियर संजय रॉय उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

जज ने कहा कि यह कोई दुर्लभतम मामला नहीं है जिससे दोषी को मृत्युदंड दिया जा सके। अदालत ने राज्य सरकार को मृतक चिकित्सक के परिवार को 17 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया। न्यायाधीश ने दोषी करार देने के अंतिम फैसले और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलों के साथ-साथ पीड़िता के परिवार और मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अंतिम जिरह सुनने के बाद सजा का ऐलान किया।

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सियालदह के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिर्बान दास की अदालत ने शनिवार को रॉय को पिछले वर्ष नौ अगस्त को अस्पताल में स्नातकोत्तर प्रशिक्षु चिकित्सक के खिलाफ हुए जघन्य अपराध के मामले में दोषी ठहराया था। इस घटना के बाद पूरे देश में अभूतपूर्व और लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन हुए थे। घटना से पूर्व रॉय कोलकाता पुलिस के साथ नागरिक स्वयंसेवक के रूप में काम कर रहा था। रॉय को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 (बलात्कार), 66 (मृत्यु का कारण बनने की सजा) और 103 (1) (हत्या) के तहत दोषी ठहराया गया।

कोर्ट ने शनिवार को ट्रेनी महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या मामले में आरोपी सिविक वालंटियर संजय रॉय को दोषी करार दिया था। फैसले के समय संजय रॉय ने अदालत में दावा किया था कि उसे फंसाया गया है। हालांकि, न्यायाधीश अनिर्बन दास ने कहा कि उसे सजा सुनाए जाने से पहले सोमवार को बोलने का मौका दिया जाएगा। मृतक छात्रा के माता-पिता ने दोषी करार दिए जाने के लिए न्यायाधीश का शुक्रिया अदा किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में अफरा-तफरी की स्थिति भी बन गई थी, जिसके बाद अदालत ने सख्त लहजे में सभी लोगों को चेतावनी दी थी और आरोपी की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया था। पीड़िता के पिता ने सोमवार सुबह पत्रकारों से कहा था, आज सजा सुनाने से पहले विशेष अदालत के न्यायाधीश दोषी की बात सुनेंगे। उसने 20 जनवरी को कुछ कहने पर जोर दिया था, जिस दिन उसे विशेष अदालत ने दोषी ठहराया था।

हम चाहते हैं कि उसे अधिकतम सजा दी जाए। उन्होंने कहा था, रॉय निस्संदेह अपराधी है। लेकिन इस साजिश में और भी लोग शामिल हैं। प्रशासन शुरू से ही उन्हें बचाने की कोशिश कर रहा था। पीड़िता की मां ने कहा था कि संभवत: रॉय इतने लंबे समय तक चुप इसलिए रहा, क्योंकि उसे किसी ने इस मामले में जमानत दिलाने का आश्वासन दिया था।

गौरतलब है कि पिछले साल 9 अगस्त में महिला ट्रेनी डॉक्टर का शव आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल से बरामद किया गया था। कोलकाता पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और क्राइम सीन से मिले सबूतों के आधार पर जांच की। इसके बाद सिविक वालंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया। संजय रॉय इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चार्जशीट में मुख्य आरोपी हैं। संजय रॉय को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, धारा 66 और धारा 103 (आई) के तहत दोषी ठहराया गया था।

कोर्ट के फैसले पर ममता ने जताया असंतोष

आरजी कर मामले में दोषी संजय रॉय को उम्र कैद की सजा सुनाए जाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने असंतोष जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि यह मामला उनके पास होता तो दोषी को फांसी की सजा दिलवा देते। मालदा जिले के दौरे पर पहुंचीं ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। यदि यह मामला हमारे पास होता तो हम बहुत पहले ही फांसी की सजा दिलवा देते।

मैं नहीं जानती कि सीबीआई ने इस मामले को कैसे लड़ा और क्या तर्क दिए, लेकिन मुझे संतोष नहीं मिला। फांसी होती तो मन को सुकून मिलता। ममता ने यह भी कहा कि आरजी कर मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए जयनगर, फरक्का और गुड़ाप के दुष्कर्म-हत्या मामलों का जिक्र किया, जहां पुलिस ने जांच पूरी कर दोषियों को फांसी की सजा दिलवाई थी।

ममता बनर्जी ने सीबीआई की कार्यशैली पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि हम चाहते थे कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, लेकिन यह मामला हमारे हाथ से लेकर सीबीआई को सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि सीबीआई पर उन्हें भरोसा था, लेकिन वे उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।

मुख्यमंत्री ममता ने राज्य पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि जयनगर, फरक्का और गुड़ाप मामलों में पुलिस ने प्रभावी जांच कर दोषियों को सजा दिलाई। इन मामलों में फांसी की सजा सुनिश्चित कर मिसाल पेश की गई।

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