शिल्पी-गौतम हत्याकांड विवाद: प्रशांत किशोर के ‘राकेश’ वाले दावे पर सम्राट चौधरी का पलटवार

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
1999 के बहुचर्चित शिल्पी जैन और गौतम सिंह हत्याकांड की आग एक बार फिर बिहार की राजनीति में धधक उठी है। इस बार विवाद के केंद्र में हैं जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। सोमवार को प्रशांत किशोर ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सम्राट चौधरी पर इस 25 साल पुराने मामले में संलिप्तता का गंभीर आरोप लगाया।

पीके ने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जिनका शुरुआती नाम ‘राकेश कुमार’ भी रहा है, शिल्पी-गौतम हत्याकांड के संदिग्ध अभियुक्त थे। प्रशांत किशोर ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा, “सीबीआई ने सम्राट चौधरी का सैंपल लिया था और पूछताछ भी की थी। लेकिन तत्कालीन लालू यादव की सरकार ने साधु यादव को बचाने के लिए पूरे केस को दबा दिया।” उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सम्राट चौधरी को पद से बर्खास्त करने की मांग कर डाली और उन पर कुल छह हत्याओं में संलिप्तता का आरोप लगाया। पीके ने चुनौती दी, “सम्राट बताएं कि शिल्पी-गौतम केस में उनकी क्या भूमिका थी? अगर निर्दोष हैं तो गिरफ्तार क्यों नहीं होते?”

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सम्राट चौधरी ने किया आरोपों का खंडन, बताया ‘नौसिखिया’
प्रशांत किशोर के इन तीखे आरोपों पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को ही मुंहतोड़ जवाब दिया और मामले में अपना नाम जोड़े जाने पर स्पष्टीकरण दिया। मीडिया से बातचीत में सम्राट चौधरी ने पीके को ‘नौसिखिया’ बताते हुए कहा कि वह बिना जानकारी के सिर्फ सनसनी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा, “यह नौसिखिया बच्चों की तरह बात कर रहा है। मैं विधानसभा में बार-बार बोल चुका हूं कि लालू यादव ने मुझे जेल भेजा था। तब नीतीश कुमार ने मेरे लिए 7 किलोमीटर पैदल चलकर आंदोलन किया था। बिहार की जनता सब जानती है। न्यायालय ने मुझे बरी किया और आज मैं ईमानदारी से जनता का काम कर रहा हूं।”

‘हाजीपुर का एक व्यापारी राकेश था’
शिल्पी-गौतम हत्याकांड में ‘राकेश’ नाम के संदर्भ में अपना बचाव करते हुए सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि प्रशांत किशोर जिस ‘राकेश’ का जिक्र कर रहे हैं, वह हाजीपुर का एक व्यापारी था, न कि उनका नाम। उन्होंने कहा, “हाजीपुर का एक व्यापारी राकेश उस मामले में शामिल था, मेरा नाम कहीं नहीं है। यह जानकारी का अभाव है और सिर्फ मीडिया में बने रहने की कोशिश है।” सम्राट ने पीके पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोग सिर्फ सनसनीखेज बयानों से राजनीति करते हैं, जबकि बिहार की जनता अब विकास के मुद्दों पर फैसला लेती है।

‘तुम अपने भ्रष्टाचार का हिसाब दो’
सम्राट चौधरी ने आरोपों से बौखलाहट दिखाते हुए प्रशांत किशोर के निजी वित्त पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा, “तुम अपने भ्रष्टाचार का हिसाब दो। 241 करोड़ रुपये कहां से लाए? जिसने पैसा दिया, क्या वह तुम्हारा बाप है? तुम कौन हो? अपराध करोगे तो जवाब देना पड़ेगा। मैं इस नौसिखिया के चक्कर में नहीं पड़ूंगा।”

गौरतलब है कि 3 जुलाई 1999 को पटना के फ्रेजर रोड स्थित क्वार्टर नंबर 12 के गैरेज में एक मारुति कार में शिल्पी जैन (एक कपड़ा कारोबारी की बेटी) और गौतम सिंह (लंदन स्थित डॉक्टर के बेटे) के शव संदिग्ध अवस्था में मिले थे। यह क्वार्टर राबड़ी देवी के भाई साधु यादव का था, जिससे मामला तुरंत राजनीतिक रंग ले लिया। हालांकि, सीबीआई ने इस मामले को दोहरी आत्महत्या करार दिया था, लेकिन शिल्पी के परिवार ने इसे हत्या बताकर नई जांच की मांग की थी। सीबीआई की रिपोर्ट में गौतम के दोस्त राकेश का नाम सामने आया था, और अब इसी ‘राकेश’ नाम को लेकर बिहार की राजनीति में नया तूफान खड़ा हो गया है।

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