निगरानी के हत्थे चढ़ा घूसखोर अंचल अधिकारी, रंगे हाथों पकड़ी गई राजस्व पदाधिकारी की करतूत

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। मंगलवार को गोपालगंज जिले के बरौली अंचल कार्यालय में छापेमारी कर निगरानी की टीम ने राजस्व पदाधिकारी (RO) विजय सिंह को 6 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी दफ्तर छोड़कर भाग खड़े हुए।

दाखिल-खारिज के लिए मांगी थी 10 हजार की रिश्वत
मामले का खुलासा तब हुआ जब बघैची गांव के निवासी शैलेंद्र कुमार ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शैलेंद्र के अनुसार, उनकी 9.9 डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज (Mutation) का मामला लंबे समय से अंचल कार्यालय में अटका हुआ था। इस काम को करने के बदले राजस्व पदाधिकारी विजय सिंह ने 10 हजार रुपये की मांग की थी। काफी मिन्नतें करने के बाद सौदा 6 हजार रुपये में तय हुआ। शैलेंद्र रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने पटना स्थित निगरानी थाने में गुहार लगाई।

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निगरानी का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का गुप्त सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक नागेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष ‘ट्रैप टीम’ का गठन किया गया। योजना के मुताबिक, जैसे ही परिवादी शैलेंद्र कुमार ने रिश्वत की राशि राजस्व पदाधिकारी विजय सिंह को थमाई, पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनकी जेब से रिश्वत के केमिकल युक्त नोट बरामद किए गए।

प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ पटना ले गई है, जहां उनसे पूछताछ के बाद विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा। निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अंचल कार्यालयों में बिना ‘सुविधा शुल्क’ के आम लोगों का काम होना आज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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